प्रवासी मजदूरों की दयनीय दशा पर महज घड़ियाली आंसू बहा रही सरकार : अखिलेश यादव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि कोरोना वायरस के संकट से निबटने में अदूरदर्शिता तथा अव्यवहारिक निर्णयों के चलते भाजपा सरकार पूर्णतया विफल साबित हुई है। सही ठोस और सकारात्मक कदम उठाने की जगह छिटपुट फौरी निर्णयों से वह जनता को सिर्फ गुमराह कर रही है। लम्बे लाॅकडाउन के बावजूद संकट बढ़ रहा है। श्रमिकों के पलायन और उनकी बेरोजगारी से अराजकता जैसी स्थिति बन रही है।
      
प्रवासी मजदूरों की दयनीय दशा पर सरकार सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रही है। लाचार मजदूरों की सरकार द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है। रेल पटरियों से लेकर राजमार्ग, खेत से लेकर खलिहान तक लहूलुहान हो रहे हैं। इंदौर बाईपास पर बारी-बारी एक युवक फिर महिला बैलगाड़ी में एक बैल की जगह खुद जुतकर परिवार को खींच रहा हैं यह दृश्य निहायत शर्मनाक और अमानवीय है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भरी दोपहरी में श्रमिक पलायन करने को लाचार है। आगरा में एक महिला अपने बच्चे के साथ सामान को घसीटते हुए ले जाने को मजबूर है।



     
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर हाई-वे पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में कई प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई। पहले ट्रेन और अब बस हादसा। बिखरी पड़ी चप्पलें, बिस्कुट, पूड़ियां बता रही थी कि कितनी मुसीबतों से लम्बी यात्रा पर वे निकले थे। कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में डीसीएम ट्रक की टक्कर में भी तमाम श्रमिक मरे और घायल हुए। अहमदाबाद से मजदूरों को लेकर डीसीएम बलरामपुर जा रही थी। फतेहपुर, रायबरेली में घर लौट रहे श्रमिक अपनी जान गंवा बैठे। जगह-जगह मजदूरों और कामगारों के मारे जाने की खब़रें विचलित करने वाली है। इस पूरी दुर्दशा के लिए भाजपा सरकारें जिम्मेदार हैं।
     
अमीरों को हवाई जहाज भेजकर एयरलिफ्ट कराने वाली भाजपा सरकार जमीन पर गाड़ियों के नीचे कुचले जा रहे मजदूरों की मौत पर असंवेदनशील रवैया क्यों अपना रही है? कब तक ये अपनी गरीबी की कीमत मौत से चुकाते रहेंगे। ‘वंदेभारत मिशन‘ में क्या देश की गरीब जनता नहीं आ सकती है। इतना ऊपर उड़ना भी ठीक नहीं कि जमीन की सच्चाई ही न दिखाई पड़े।
     
लाॅकडाउन में पुलिस प्रबंधन की रोज-रोज तारीफ करने वाली भाजपा सरकार इस बात का क्या जवाब देगी कि मथुरा के दामोदरपुरा शाखा में ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त में 31 लाख रूपए की दिनदहाड़े लूट हो गई जबकि आसपास पुलिस की 5 पिकेट लगी थी? बदमाश आसानी से फरार हो गए। राजधानी लखनऊ में भी चोरी, हत्या की घटनाएं हो रही है। भाजपा सरकार अपना खजाना भरने को जब शराब बिकवाएगी तो अपराध बढ़ेंगे ही। लाॅकडाउन की अविध में शराब बिक्री के बाद घरेलू हिंसा दुगनी हो गई है और सड़क हादसे तीन गुना बढ़े है। मुख्यमंत्री जी के दावों की हकीकत तो सब जान ही गए हैं। भाजपा सरकार लाख भरोसा दिलाये कि घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है लेकिन पीड़ित श्रमिकों को सरकार के आश्वासन पर विश्वास नहीं है। यह सरकार की साख पर बड़ा बट्टा है।