अमेरिका का दावा-उसने बना ली कोरोना की वैक्सीन…

इस समय दुनिया कोरोना को खत्म करने के लिए एक कारगर वैक्सीन की तलाश में हैं. वैज्ञानिक दिन-रात एक करके इस महामारी की दवा खोजने में लगे हुए हैं. इस कोरोना काल में दुनिया के लिए अमेरिका से एक राहत की खबर सामने आई है.


अमेरिकी कंपनी ने कोरोना की वैक्सीन का सफल ह्यूमन ट्रायल किया है. अमेरिका की फार्मा कंपनी मॉडर्ना ने कोरोना वैक्सीन बनाने की उम्मीदें बढ़ा दी हैं, क्योंकि कंपनी ने दावा किया है कि कोरोना की वैक्सीन का कुल 45 लोगों पर क्लिनिकल ट्रायल या ह्यूमन ट्रायल किया है जो कि सफल रहा है. अमेरिका के सिएटल में वॉलेंटियर्स के 8 समूहों पर ये ह्यूमन ट्रायल किया गया था. इसका परीक्षण जिन लोगों पर किया गया, उनके शरीर में इस वैक्सीन के जरिए एंटीबॉडी बन रही हैं, जो वायरस के हमले से लडऩे में सक्षम साबित हो रही है.



कंपनी ने बताया कि जुलाई में वैक्सीन का तीसरा ट्रायल किया जाएगा. अगर वो ट्रायल सफल रहा तो बाजार में जल्द दवा आने की उम्मीद है. कंपनी ने बताया है कि इस दवा के जरिए शरीर में एंटीबॉडीज बन रही हैं, जो वायरस के हमले को काफी कमजोर बना देती हैं.


कैसे काम करती है वैक्सीन


जब ये दवा शरीर में इंजेक्ट की जाती है तो शरीर में प्रतिक्रिया स्वरूप एंटीबॉडीज बनने लगती हैं. ये ठीक वैसा ही है, जैसे एक बार बीमार हो चुके व्यक्ति के शरीर में उस बीमारी के लिए एंटीबॉडी बन जाती है. मॉडर्ना इसके लिए ऋण तकनीक का इस्तेमाल कर रही है.


जनवरी से हो रहा है वैक्सीन पर काम


मॉडर्ना कंपनी जनवरी से इस वैक्सीन के डेवलपमेंट पर काम कर रही है और इसके लिए कहा जा रहा है कि इसने वैक्सीन के लिए जरूरी जेनेटिक कोड हासिल किए और उसका इंसानों पर ट्रायल करने का सफर बहुत कम दिनों में पूरा कर लिया. इस ह्यूमन ट्रायल के लिए जिन 45 लोगों पर परीक्षण किया गया था. उन्होंने दवाई के जरिए कोरोना के खिलाफ अच्छी प्रतिरोधक क्षमता को दिखाया और इसी के आधार पर कहा गया है कि वैक्सीन का इस्तेमाल मनुष्यों पर करने के लिए बिलकुल सुरक्षित है.