लावारिस Dalit Woman की मौत पर बेटे बने पुलिस वाले, किया अंतिम संस्कार

सहारनपुर पुलिस ने कुछ ऐसा कर दिखाया जिसने सभी देशवासियों का दिल जीत लिया। बुधवार को एक लावारिस दलित महिला की मौत होने पर पुलिसवालों ने बेटे का फर्ज निभाकर ना केवल उनकी अर्थी को कंधा दिया बल्कि उनका अंतिम संस्कार भी किया।


पुलिस के इस मानवीय कृत्य के पीछे 2009 बैच के आईपीएस और जिले के एसएसपी दिनेश कुमार की अहम भूमिका बताई जा रही। एसएसपी दिनेश कुमार जिले के पुलिसकर्मियों को संवेदनशीलता का लगातार पाठ पढ़ाते रहे हैं। जब दलित महिला को पुलिसकर्मियों द्वारा कंधा देने वाली तस्वीरें वायरल हुईं तो मुख्यमंत्री सूचना सेल ने भी इसकी तारीफ की। सूचना सेल ने कहा कि CM योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुरूप लॉकडाउन के दौरान पुलिस का मानवीय और संवेदनशील पक्ष उजागर हुआ है।



मामला बड़गांव थाने के किशनपुर गांव का है। जहाँ गांव की दलित परिवार की वृद्ध मीना के पति हरिया की चार साल पहले मौत हो गई थी। वृद्ध महिला के परिवार में और कोई नहीं बचा था। महिला कई महीने से बीमार चल रही थी। सूचना मिलने के बादवृद्ध महिला को सहारनपुर पुलिस ने मंगलवार को मीना को नानौता के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था।


उपचार के दौरान बुधवार को महिला की मौत हुई तो अंतिम संस्कार करने वाला कोई नहीं था। जिस पर थाने के एसएसआई दीपक चौधरी, सिपाही गौरव और विनोद ने बेटे का फर्ज निभाते हुए महिला की अर्थी को कंधा दिया। इसके साथ ही पुलिस ने गांववालों के सहयोग से महिला का अंतिम संस्कार भी किया। पुलिस की इस संवेदनशीलता पर सोशल मीडिया समेत हर जगह उसकी सराहना हो रही है।