उन्नाव कांड : MLA कुलदीप सिंह सेंगर को उम्रकैद, 25 लाख जुर्माना, जाएगी विधायकी

नई दिल्ली। उन्नाव रेप मामले में दोषी पाए गए बीजेपी से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (MLA Kuldeep Singh Sengar) को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। सेंगर पर 25 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा पर कोर्ट में बहस के दौरान कुलदीप सेंगर की ओर से वकील ने कहा कि उनकी दो बेटी हैं और पत्नी है, उनपर परिवार की जिम्मेदारी है। फैसला आते ही सेंगर कोर्ट में फूट-फूटकर रोने लगा। 10 दिसंबर को दिल्ली कोर्ट ने कुलदीप सेंगर के खिलाफ अपना फैसला सुरक्षित रखा और 16 दिसंबर को फैसला सुनाने की तारीख तय की। पीड़िता को अदालत ने सुरक्षा मुहैया कराई है।



कुलदीप सिंह सेंगर ने वकील ने अदालत से कहा कि उनके (MLA) ऊपर लोन भी है, ये लोन उन्होंने बेटी की पढ़ाई के लिए लोन लिया था। वहीं पीड़िता के परिवार ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने पर संतोष जाहिर किया है। पीड़िता की तरफ से कहा गया कि कुलदीप विधायक है और उन्होंने इस मामले में अपने पद का दुरुपयोग किया। पीड़िता के वकील ने कहा कि कुलदीप सिंह को अधिकतम सजा देनी चाहिए।


तीस हजारी कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि कुलदीप सिंह सेंगर को जुर्माने की 25 लाख रुपए की रकम एक महीने के भीतर जमा करनी होगी। इनमें से 10 लाख रुपए का मुआवजा पीड़िता को दिया जाएगा। अगर सेंगर यह राशि जमा नहीं करते हैं, तो उसकी संपत्ति जब्त कर जुर्माना वसूला जाएगा। पीड़िता और उसका परिवार एक साल तक दिल्ली महिला आयोग द्वारा दिलाए गए किराए के घर में रह सकेंगे। यूपी सरकार मकान मालिक को 15 हजार रुपए हर महीने बतौर किराया देगी। कोर्ट ने कहा, सीबीआई पीड़िता और उसके घरवालों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था करेगी और हर तीन महीने में उनके जीवन पर खतरे का आंकलन करेगी।


ज्ञात हो कि इस साल 28 जुलाई को रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में कार व ट्रक की टक्कर में पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो गई थी। जबकि पीड़िता और कार चला रहे उनके वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कुलदीप सेंगर ने ही यह एक्सीडेंट करवाया था। इस मामले में भी सेंगर व अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले के तूल पकड़ने के बाद बीजेपी पर दबाव बढ़ा और अगस्त में सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।