शारीरिक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन की यूपी पुलिस बोर्ड ने जारी की तारीख

यूपी पुलिस भर्ती और प्रोत्साहन बोर्ड (यूपीपीआरपीबी) ने रिजर्व सिविल पुलिस और रिजर्व पीएसी भर्ती परीक्षा पास कर चुके परिक्षार्थियों के लिए दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक परीक्षण (डीवी/ पीएसटी) की तारीखों का ऐलान कर दिया है। यूपीपीआरपीबी ने दो साल पहले अक्टूबर की भर्ती में रिजर्व सिविल सीधी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया था। अब इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया है जिसके मुताबिक पीएसी के 18 हजार 208 पदों और रिजर्व सिविल पुलिस के 31 हजार 360 पदों के लिए भर्ती डीवी/ पीएसटी रखी गई है।



शारीरिक जांच और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया 28 नवंबर को होगी। साथ ही पहले चरण में डी-01 से डी-05 तक के परिक्षार्थियों का शारीरिक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन होगा। इसका प्रेवश पत्र 25 नवंबर 2019 को जारी कर दिया गया है।


यूपीपीआरपीबी के अधिकारियों का कहना है कि जिन परिक्षार्थियों का डी-01 से डी-05 के बीच में चयन हुआ है उनको यूपीपीआरपीबी की ऑफिशियल वेबसाइट uppbpb.gov.in को देखते रहना चाहिए। इसके प्रवेश पत्र आते ही परिक्षार्थी उसे डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही जो परिक्षार्थी डीवी/ पीएसटी राउंड में सफल हो जाएंगे, उन परिक्षार्थियों की सूची भी ऑफिशियल वेबसाइट पर जारी की जाएगी। हाल ही में यूपीपीआरपीबी ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का आयोजन किया था। जिसमें 49 हजार 568 परिक्षार्थियों ने भाग लिया था।


पिछली बार की परीक्षा में इस आधार पर हुआ था शारीरिक परीक्षण-



  • समान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के पुरूष परिक्षार्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 168 सेमी रखी गई थी।

  • अनुसूचित जनजाति के पुरुषों की ऊंचाई 160 सेमी रखी गई थी।

  • समान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों के पुरुष परिक्षार्थियों के लिए न्यूनतम सीने का माप बिना फुलाए 79 सेमी और कम से कम 84 सेमी फुलाने पर रखा गया था।

  • अनुसूचित जनजाति के पुरुष परिक्षार्थियों के लिए न्यूनतम सीने का माप बिना फुलाए 77 सेमी और कम से कम 82 सेमी फुलाने पर रखा गया था।


महिलाओं का इस आधार पर हुआ था चयन-
समान्य वर्ग, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्गों की महिला परिक्षार्थियों के लिए न्यूनतम ऊंचाई 152 सेमी रखी गई थी। वहीं अनुसूचित जनजाति की महिला परिक्षार्थियों के लिए न्यूतम ऊंचाई 147 सेमी रखी गई थी। साथ ही वजन सभी वर्गों की महिला परिक्षार्थियों के लिए 40 किलो होना अनिवार्य था।