कमजोर पड़े बुलबुल तूफान ने शनिवार और रविवार को ली 8 लोगों की जान

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद अब बुलबुल तूफान कमजोर पड़ गया है, लेकिन शनिवार और रविवार दो दिन में इस तूफान ने 8 लोगों की जान ले ली। बांग्लादेश में तूफान की वजह से 10 लोगों की मौत हो गई। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में तबाही मचाने के बाद अब बुलबुल तूफान कमजोर पड़ गया है, लेकिन शनिवार और रविवार दो दिन में इस तूफान ने 8 लोगों की जान ले ली। जबकि लाखों हेक्टेयर इलाके में खड़ी फसलों को चौपट कर दिया। अब दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हवाई दौरा कर हालात का जायजा लिया है।



बंगाल की खाड़ी से उठे बुलबुल तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल और ओडिशा में जिंदगी अस्तव्यस्त हो गई। करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं के साथ आई धुआंधार बारिश ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों को सिहरा दिया।


बंगाल के कई जिलों में फसल बर्बाद-
चक्रवाती तूफान बुलबुल की वजह से बर्धवान, हुगली, नादिया, वेस्ट मिदनापुर और साउथ 24 परगना में हजारों हेक्टेयर खेत में खड़ी फसल बर्बाद हो गई। हजारों किसान रोजी-रोटी के मोहताज हो गए. तूफान ने न सिर्फ खेतों को बल्कि घरों को भी नुकसान पहुंचाया।


ममता बनर्जी ने किया हवाई दौरा-
साउथ 24 परगना में नामखाना क्षेत्र में बुलबुल चक्रवात की चपेट में आने के बाद हटानिया दोनिया नदी में दो जेटी क्षतिग्रस्त हो गए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुलबुल तूफान से क्षतिग्रस्त दक्षिण 24-परगना जिले के विभिन्न इलाकों का हवाई दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। तूफान में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा देने की घोषणा की। साथ ही 'बुलबुल' तूफान से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की।


एक लाख कच्चे-पक्के मकानों को नुकसान-
बुलबुल तूफान की वजह से पश्चिम बंगाल में 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 1 लाख कच्चे-पक्के मकानों का नुकसान पहुंचा। ओडिशा में भी बुलबुल तूफान के कहर ने एक की जान ली, जबकि 2 लाख हेक्टेयर इलाके में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी तूफान से प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया।


बांग्लादेश में भी तबाही, 10 की मौत-
भारत से निकलकर बुलबुल चक्रवात ने बांग्लादेश में भी तबाही मचाई। यहा तूफान की वजह से 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पलायन करना पड़ा है। फिलहाल बंगाल और ओडिशा चक्रवात का असर खत्म हो गया है और अब राहत के काम में तेजी लाई गई है।


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