अयोध्या निर्णय आने से पहले यूपी के इन जिलो में मंडराया खतरा, अलर्ट जारी

अयोध्या प्रकरण में निर्णय आने से पहले पुलिस की तैयारियां जोरों पर हैं. सोशल मीडिया तथा शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. सोशल मीडिया पर निगरानी की मॉनिटरिंग के लिए डीजीपी मुख्यालय पर टीम का गठन किया गया है.


आईजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार ने बताया कि आईजी साइबर अपराध अशोक कुमार सिंह की निगरानी में गठित राज्यस्तरीय टीम में 12 से 14 सब इंस्पेक्टर हैं. ये सोशल मीडिया पर ऐसे लोगों की पहचान करेंगे जिन्होंने फेक आईडी बना रखी है व उससे खुराफात करते हैं. पुलिस आईपी एड्रेस के जरिए ऐसे लोगों तक पहुंचेगी.




बीते 20 दिनों में सोशल मीडिया पर उन्माद फैलाने के आरोप में 72 लोगों को कारागार भेजा जा चुका है. वहीं, पूर्व में सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वालों को डिजिटल वॉलंटियर चेतावनी देंगे. बताएंगे कि उन पर पुलिस की निगाह है. यदि वे कोई गड़बड़ करेंगे तो कार्रवाई होगी.




2010 में थी ऐसी ही व्यवस्था




प्रवीण कुमार ने बताया कि 2010 में उच्च न्यायालय के फैसला के समय जिस तरह की व्यवस्था की गई थी, उसी तर्ज पर इस बार भी संवेदनशील कस्बों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाए जा रहे हैं. जरूरत पड़ने पर इस सिस्टम को थाने के वायरलेस सेट से जोड़कर शांति व्यवस्था के लिए पुलिस की अपील और संदेश आम लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा.




वहीं, सूत्रों का बोलना है कि अयोध्या में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात की जा रही है. अब तक 35 कंपनी पीएसी  14 कंपनी केंद्रीय अर्धसैनिक बल की तैनाती की जा चुकी है. पीएसी और अर्धसैनिक बल की 35 से 40 कंपनी  तैनात की जाएगी.