अयोध्या में मिलजुल कर बनाएंगे राम मंदिर : RSS प्रमुख

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के फैसले के बाद मोहन भागवत कर रहें हैं देश को संबोधित। अयोध्या राम जन्म भूमि- बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए विवादित जमीन राम जन्मभूमि न्यास को दे दिया है। जबकि मुस्लिम पक्षकारों को 5 एकड़ उपयुक्त भूमि कहीं और मिली है।


राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी भी समय आ सकता है। राज्य में शांति व सुरक्षा कायम रखने के लिए पुलिस और प्रशासन सर्तक है। सूबे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने भी मोर्चा संभाल लिया है।


अपुष्ट सूत्रों की माने तो कोर्ट के प्रस्तावित फैसले को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी तैयारियां शुरु कर दी है। संघ फैसले के वक्त देशभर में सुरक्षा के लिए अपने करीब हजार स्वयंसेवकों की तैनाती करेगा, जो देश भर में शांति बहाल रखने की अपील करेंगे। माना जा रहा है कि फैसला आने के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत या सरकार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी देश को संबोधित भी कर सकते हैं।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राम मंदिर पर फैसले से पहले लोगों तक अपनी पहुंच बनाने में लगा हुआ है। संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, संघ अपने स्वयंसेवकों को पहले ही हिदायत दे चुका है कि फैसला किसी भी पक्ष में हो शांति और सुरक्षा का ध्यान सर्वपरि है। फैसला अगर पक्ष में आया तो लोग अपने घर और स्थानीय मंदिरों में दिए जलाकर जश्न मनाएं, लेकिन फैसला खिलाफ आया तो भी हम शांति बहाल रखने के पक्ष में हैं।


इसी बीच वृहस्पतिवार को नई दिल्ली स्थिति नए महाराष्ट्र सदन में संघ और बीजेपी के नेताओं के बीच बैठक हुई। बैठक में संघ से कृष्ण गोपाल, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, नरेंद्र सिंह तोमर, संतोष गंगवार, पार्टी के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह सहित तमाम वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।


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