अल्पसंख्यक मंत्रालय राज्यों में 'हुनर हब' स्थापित करने के मिशन पर कर रहा काम : मुख्‍तार अब्‍बास रिजवी

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पांच वर्षों में दस्तकारों, शिल्पकारों के स्वदेशी हुनर को निखारने की कवायद शुरू की है। बाजार की जरूरतों के हिसाब से इन्‍हें तराशने एवं प्रोत्साहित करने के लिए अल्पसंख्यक मंत्रालय सभी राज्यों में 'हुनर हब' स्थापित करने के मिशन पर तेजी से काम कर रहा है। हुनर हॉट का केंद्रीय मंत्री अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, मुख्तार अब्बास नकवी ने शनिवार को उदघाटन किया।


उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (एनसीजेडसीसी) में आयोजित कार्यक्रम में उन्‍होंने कहा कि मोदी सरकार-2 के पहले 100 दिनों में ही अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने देश के अलग-अलग हिस्सों में 100 'हुनर हब' स्वीकृत किए हैं। इनमें दस्तकारों, शिल्पकारों, पारम्परिक खानसामों को वर्तमान जरूरतों के हिसाब से ट्रेनिंग दी जाएगी। उनके हुनर को और निखारा जाएगा। केंद्रीय मंत्री नकवी ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में देश के प्रसिद्द आर्थिक केंद्रों में आयोजित एक दर्जन से ज्यादा हुनर हॉट के जरिए दो लाख 50 हजार से ज्यादा कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों, खानसामों और उनसे जुड़े हुए लोगों को रोजगार और रोजगार के मौके मिले हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिला कारीगर भी शामिल हैं। अगले पांच वर्षों में मोदी सरकार हुनर हाट के माध्यम से लाखों हुनर के उस्ताद, कारीगरों, शिल्पकारों, दस्तकारों और पारंपरिक खानसामों को रोजगार और रोजगार के मौके मुहैया कराएगी। 2019-2020 के सभी हुनर हाट, एक भारत श्रेष्ठ भारत के थीम पर आधारित होंगे।    


नकवी ने कहा कि अगले पांच वर्षों में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय देश के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 100 हुनर हाॅट का आयोजन करेगा। आने वाले दिनों में हुनर हाट का आयोजन दिल्ली, गुरुग्राम, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, अहमदाबाद, देहरादून, पटना, इंदौर, भोपाल,  नागपुर, रायपुर, हैदराबाद, पुडुचेर्री, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, शिमला, गोवा, कोच्चि, गुवाहाटी, रांची, भुवनेश्वर, अजमेर आदि में किया जाएगा। अगला हुनर हाट दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवंबर और मुंबई में 20 से 31 दिसंबर के बीच होगा।नकवी ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित हुनर हाॅट में दस्तकार, शिल्पकार दुर्लभ स्वदेशी हस्तनिर्मित उत्पाद लाए हैं। इनमें आंध्र प्रदेश की कलमकारी और मंगलगिरी, असम के जूट से बने उत्पाद, बिहार की मधुबनी चित्रकारी, गुजरात का अजरख, बंधेज मड वर्क, तांबे की कलाकृतियां, हिमाचल प्रदेश से लकड़ी के बने उत्पाद हैं। वहीं मध्य प्रदेश से ब्लॉक प्रिंट, उप्पा छपाई, पुडुचेर्री के मोतियों से बने आभूषण, राजस्थान से मार्बल कलाकृतियां और हैंडीक्राफ्ट, तमिलनाडु की एंब्रोइडरी एवं चन्दन की कलाकृतियां, उत्तर प्रदेश से वाराणसी सिल्क, लखनवी चिकनकारी, कांच के सामान, लेदर, संगमरमर के उत्पाद, पश्चिम बंगाल से एंब्रोइडरी के उत्पाद, कश्मीर-लद्दाख की दुर्लभ आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां इत्यादि लेकर आए हैं।


इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रमुख लोग उपस्थित रहे। इस दौरान स्टाॅल पर सजी वस्‍तुओं का उन्‍होंने अवलोकन किया। उत्‍पादों की जानकारी ली। हुनर हॉट एनसीजेडसीसी में 10 नवंबर तक लगेगा।


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