SBI Card ने कॉन्‍टैक्‍टलेस मोबाइल पेमेंट्स के लिये लॉन्‍च किया "एसबीआई कार्ड पे"

लखनऊ। देश की प्रमुख क्रेडिट कार्ड कंपनी एसबीआई कार्ड ने आज 'एसबीआई कार्ड पे' को लॉन्‍च करने की घोषणा की है। यह होस्‍ट कार्ड इमुलेशन टेक्‍नोलॉजी पर आधारित एक पेमेंट फीचर है और इसकी पेशकश मोबाइल फोन्‍स का इस्‍तेमाल करते हुये तेजी से सुविधाजनक तरीके से और अधिक सुरक्षित रूप से कार्ड भुगतान करने के लिये की गई है। "एसबीआई कार्ड पे" का इस्‍तेमाल कर ग्राहक अपने नियर फील्‍ड कम्‍यूनिकेशन एनैबल्‍ड प्‍वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल्‍स पर सिर्फ अपने मोबाइल पर एक टैप कर कॉन्‍टैक्‍टलेस पेमेंट्स कर सकते हैं। इसके लिये उन्‍हें किसी फिजिकल क्रेडिट कार्ड का इस्‍तेमाल करने या कोई पिन डालने की जरूरत नहीं पड़ती है। भारत में यह अपनी तरह का पहला अनूठा पेमेंट सॉल्‍यूशन है। इसका निर्माण एसबीआई कार्ड मोबाइल एप्‍प के हिस्‍से के रूप में किया गया है ताकि ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड अकाउंट का प्रबंधन और कॉन्‍टैक्‍टलेस भुगतान एक ही एप्‍प से कर सकें। एसबीआई कार्ड पे ग्राहकों को प्रति ट्रांजैक्‍शन और दैनिक ट्रांजैक्‍शन लिमिट्स को उनकी जरूरत के अनुरूप निर्धारित करने की सहूलियत देगा।  



वर्तमान में अन्‍य एचसीई एनैबल्‍ड एप्‍स प्रति ट्रांजैक्‍शन 2000 रूपये और दैनिक ट्रांजैक्‍शन की सीमा 10,000 रूपये तक की अनुमति देते हैं, जो इस फीचर के प्रभावी इस्‍तेमाल को प्रतिबंधित करता है। एसबीआई कार्ड पे का इस्‍तेमाल करने के लिये, कार्डधारकों को एसबीआई कार्ड मोबाइल एप्‍प के नवीनतम वर्जन पर अपने कार्ड का वन-टाइम रजिस्‍ट्रेशन कराना होगा। कार्ड के रजिस्‍टर्ड होने के बाद, यूजर्स अपनी फोन स्‍क्रीन को अनलॉक कर और अपने मोबाइल डिवाइस को प्‍वाइंट ऑफ सेल टर्मिनल के निकट ले जाकर भुगतान पूरा कर सकते हैं। इस सुविधा को वीजा प्‍लेटफॉर्म पर लॉन्‍च किया जा रहा है और यह एंड्रॉयड किटकैट वर्जन 4.4 एवं इससे ऊपर वाले किसी भी एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन पर काम करेगा।


एसबीआई कार्ड पे के लॉन्‍च पर प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुये हरदयाल प्रसाद, एमडी एवं सीईओ, एसबीआई कार्ड ने कहा एसबीआई कार्ड पे का लक्ष्‍य हमारे ग्राहकों के लिये भुगतान अनुभव को पुर्नपरिभाषित करना है। अत्‍याधुनिक तकनीकों जैसे कि एचसीई का इस्‍तेमाल कर, हम एक ऐसी रफ्तार पर परेशानी रहित लेकिन स्विफ्ट भुगतान उपलब्‍ध कराना चाहते हैं, जो आज के जमाने के ग्राहकों की गतिशील जीवनशैली के अनुरूप है। हमारा मानना है कि कॉन्‍टैक्‍टलेस पेमेंट्स देश की डिजिटल पेमेंट्स मुहिम में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और देश भर में सपोर्टिंग इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर के बढ़ने से, इसे उल्‍लेखनीय रूप से अपनाया जाना तय है। इस लॉन्‍च पर अपने विचार साझा करते हुये टीआर रामाचंद्रन, ग्रुप कंट्री मैनेजर इंडिया एवं दक्षिण एशिया, वीजा ने कहा, ''भारत में पहली बार एसबीआई कार्ड मोबाइल एप्‍प का इस्‍तेमाल कर टैप टु पे ट्रांजैक्‍शन के लिये वीजा कार्ड्स को सक्षम बनाने में एसबीआई कार्ड के साथ साझेदारी करते हुये हमें गर्व हो रहा है। 


भुगतान करने के लिये मोबाइल फोन पर सिर्फ टैप करने की सहजता, सुरक्षा एवं सहूलियत, लाखों भारतीय ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करती है। वैश्विक रूझान संकेत देते हैं कि कॉन्‍टैक्‍टलेस भुगतान के प्रसार से कार्ड का इस्‍तेमाल बढ़ता है और कैश ट्रांजैक्‍शन को रिप्‍लेस करता है और इस प्रकार लाखों नागरिकों को डिजिटल इकोनॉमी का रूख करने के हमारे देश के प्रयासों को पूरक बना रहा है। हमें पूरा भरोसा है कि एसबीआई कार्ड एवं वीजा संयुक्‍त रूप से भारत में यह बदलाव लाने में सक्षम हो पायेंगे।'' एसबीआई कार्ड पे एक अत्‍यधिक सुरक्षित प्‍लेटफॉर्म है, क्‍योंकि यह टोकेनाइजेशन का इस्‍तेमाल करता है, जो ग्राहक के संवेदनशील कार्ड जानकारी (कार्ड नंबर, एक्‍सपायरी डेट, सीवीवी इत्‍यादि) को एक डिवाइस स्‍पेसिफिक डिजिटल टोकेन में बदल देती है। 


चूंकि एनएफसी द्वारा वायरलेस तरीके से ट्रांसमिट किया गया कार्ड इंफॉर्मेशन टोकेनाइजेशन द्वारा सुरक्षित है, ग्राहक की फिजिकल कार्ड जानकारी मर्चेंट को पता नहीं चल पाती है और इस तरह ट्रांजैक्‍शन पूरी तरह से सुरक्षित रहता है। इसके अतिरिक्‍त, भुगतान करने के लिये ग्राहकों को उनके फोन पर एक डिवाइस लॉक जरूर सेट करना चाहिये। इस तरह पेमेंट्स तभी होंगे, जब ग्राहक फिंगरप्रिंट/स्‍क्रीन लॉक या एमपिन का इस्‍तेमाल कर अपने फोन स्‍क्रीन्‍स को अनलॉक करते हैं। यहां तक कि मोबाइल खो जाने पर भी, डिजिटल टोकेन्‍स के रूप में स्‍टोर की गई कार्ड इंफॉर्मेशन को किसी दूसरे व्‍यक्ति द्वारा देखा नहीं जा सकेगा। ग्राहकों को बस डिजिटल टोकेन ब्‍लॉक करने के लिये एसबीआई कार्ड कस्‍टमर सर्विस को सूचित करना होगा और वे अपने फिजिकल प्‍लास्टिक कार्ड्स का इस्‍तेमाल करना जारी रख सकते हैं।