सर्पदंश से महिला की मौत, 4 माह की बच्ची के सिर से हटा माँ का साया

रायबरेली। बछरावां क्षेत्र के समोधा गांव में बुधवार की सुबह घर की सफाई कर रही एक महिला को सर्प ने डस लिया, हालत बिगड़ने पर उसे पड़ोस के गांव में झाड़ फूंक के लिए ले जाया गया। जब वहां ठीक नहीं हुई तो का उसे हरचंदपुर इलाके के एक मंदिर ले जाया गया परंतु वहां पर भी उसकी जान नहीं बच सकी और उसकी मौत हो गई। क्षेत्र के समोधा गांव के रहने वाले शिवराम की बेटी शालू (28 वर्ष) विवाह के बाद भी उसके साथ रहती थी। उसका पति सुशील भी उसके साथ रहता था।



बुधवार की सुबह 7 बजे के करीब घर में वह साफ सफाई कर रही थी इसी दौरान उसे किसी सर्प ने डस लिया। थोड़ी देर बाद बेहोश होने लगी तो उसे पड़ोस के गांव विशनपुर झाड़-फूंक के लिए ले जाया गया, जब उसकी हालत काफी नाजुक हो गई तो फिर उसे हरचंदपुर इलाके के आस्तिक बाबा मंदिर भी ले जाया गया। इस दौरान काफी देर तक झाड़-फूंक होती रही और जब उसे वहां भी होश नहीं आया तो उसे फिर किसी और जगह ले जाया गया और वहां पर मौत हो गई। मृतक शालू को अभी 4 माह पूर्व ही एक बच्चा हुआ था। मौत से उसके बेटी के सिर से मां का आंचल हट गया और घर में कोहराम मच गया ।


डाक्टर को दिखाते तो शायद बच जाती जान
बुधवार को घर की सफाई कर रही शालू को क्या पता था की आज वह घर की अन्तिम बार सफाई कर रही है। दूसरी ओर अगर उसे तुरन्त किसी डाक्टर को दिखा दिया जाता हो सकता था की उसकी जान बच जाती। उसकी मौत से उसकी दुधमुही बच्ची का क्या होगा यह प्रश्न चिन्ह बना हुआ है। आखिर कब तक अन्धविश्वास में जाती रहेगी जानें। अब भी न जाने क्यों लोग डाक्टर के पास न जाकर झाड़ फूंक का सहारा लेते हैं और यदि लोग अब भी नहीं जागरूक हुए तो इसी तरह जान जाती रहेगी। शालू को तुरन्त किसी डाक्टर को दिखाया जाता तो शायद वह आज जिन्दा होती।


रिपोर्ट-दुर्गेश मिश्र