पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करना भाजपा का चुनावी झुनझुना : अनिल दुबे


लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि उ0प्र0 के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का झूठा लाॅलीपाप इन जातियों के लोगो को पेश कर रहे हैं, जो किसी भी दशा में सम्भव नहीं है। यह उपचुनावों और 2022 के आम चुनाव के लिए इनका वोट मांगने के लिए पासा फेकने की कोशिश है, जोकि निंदनीय है। 


श्री दुबे ने कहा कि आज संसद में स्वयं केन्द्र सरकार के कद्दावर मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा है कि योगी सरकार का यह फैसला असंवैधानिक है और इसे तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। इस बयान से स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ जी इन जातियों के लोगो को गुमराह करके आगामी रणनीति बनाना चाहते हैं। जो स्वतः इनके साथ धोखा है क्योंकि केन्द्रीय मंत्री ही इसे असंवैधानिक करार दे रहे हैैं। प्रदेश की पिछली सरकारों ने भी इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रयास किया था परन्तु मा0 सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से सम्भव नहीं हो सका। 


रालोद प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि सिद्वान्तों एवं समरसता का ढिढोंरा पीटने वाली भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के अतिपिछडों के साथ इस धोखेबाजी की जितनी निंदा की जाय वह कम होगी। उन्होंने प्रदेश की जनता को आगाह करते हुये कहा कि यह सामंतवादी सरकार है इससे लोक कल्याण की बात सोचना बेईमानी होगी ।