ऊंचाहार रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन में दलालो का बोलबोला

रायबरेली। ऊंचाहार रेलवे स्टेशन के रिजर्वेशन बुकिंग आफिस में दलालो का बोल बाला है, जिनके सेटिंग से ही यहां पर टिकट पक्का होता है। आनाकानी करने पर यात्रियों को वेटिंग बताकर उनको टाल देने का खेल इन दिनो यहां खूब फल-फूल रहा है।



बताते चले कि जिला रायबरेली के अन्तर्गत प्रयागराज रेलमार्ग पर ऊंचाहार रेलवे स्टेशन है। जिस स्टेशन पर लखनऊ की ओर से प्रयाग की ओर जाने वाली नौचंदी, त्रिवेणी, गंगा गोमती, इंटरसिटी, कानपुर से प्रयागराज की ओर आने वाली ट्रेनों में ऊंचाहार एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस है।

 

इन ट्रेनों में इंटरसिटी को छोड़कर अन्य गाड़ियों में रिजर्वेशन को लेकर यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।जिसका कारण है कि ऊंचाहार रेलवे स्टेशन पर दलालो का काफी बोल बाला है। हालांकि रिजर्वेशन करवाने के लिए लंबी लाइन लगती है, लेकिन दलालों से सेटिंग का टिकट लेने वालों को इसकी छूट है। यहां पर पहले से मौजूद दलालो के द्वारा निर्धारित किया जाता है की किसको टिकट देना है और किसको नही देना है! और तो और तत्काल टिकट के लिए एक दिन पहले नंबरिंग करके लिस्ट चस्पा कर दी जाता है। लेकिन इस नंबरिंग लिस्ट को भी दलाल अपने हिसाब से रेलवे कर्मियों से सांठगांठ करके खुद ही तय करते है।

 

ऊंचाहार से लेकर पडोसी जनपद प्रतापगढ, फतेहपुर, कौशम्भी तक के कुछ लोग लग्जरी गाड़ी से पहुंचकर लिस्ट व लाइन की रूपरेखा तय करते है। जिसमें जीआरपी व आरपीएफ की भूमिका भी संदिग्ध है। सूत्रों की माने तो दलालों की सेटिंग रिजर्वेशन बाबू से भी तगड़ी है, इस बात का अंदाजा यहां के माहौल को देखकर ही सहज लगाया जा सकता है। वैसे तो बुंकिग क्लर्क के पास अंदर प्रवेश वर्जित है, लेकिन कुछ लोग अंदर ही बैठकर टिकट बनवाते हैं। बुकिंग क्लर्क भी चंद रुपयों की खातिर ही उनकी खातिरदारी आया खासा ख्याल भी रखते हैं।

 

एज एक्सप्रेस संवाददाता की पड़ताल में यात्री रामअधार, रामसुख, राजेन्द्र, जितेन्द्र नेे बताया कि यहां के हालत 

ना बदले तो धरना प्रर्दाशन किया जाएगा। उधर स्टेशन अधीक्षक रामसुमेर ने बताया कि प्रकरण गंभीर है,जिसकी जांच करके वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

 

रिपोर्ट-रत्नेश मिश्रा