खबर काम की, पासपोर्ट आवेदन में दिया गलत पता तो ये मिल सकती है सजा

यदि आप एक ही कॉलोनी में मकान बदलकर दूसरे मकान में रहने जा रहे हो तो भी पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय नए मकान का ही पता दीजिए। ऐसा नहीं करने पर पुलिस वेरिफिकेशन के कारण प्रक्रिया अटक सकती है। आवेदक को गलती की सजा के रूप में पांच हजार तक की पेनाल्टी भरनी पड़ सकती है। ये निर्णय विगत दिनों गाजियाबाद में लगी 3 दिवसीय पासपोर्ट अदालत में रखे गए प्रकरणों की समीक्षा बैठक में हुआ। दरअसल, छोटी-छोटी गलतियों की वजह से न केवल पासपोर्ट होल्ड हो रहे हैं, बल्कि पासपोर्ट कार्यालय में पेंडेंसी बढ़ती जा रही है। वर्तमान में अकेले आगरा जिले की होल्ड फाइलों की संख्या 128 है। इसमें सबसे ज्यादा प्रकरण पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र के हैं।



क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी कार्यालय सूत्रों की माने तो होल्ड फाइलों में सबसे ज्यादा गलतियां पते को लेकर हैं। लोग मकान बदल लेते हैं और पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय दस्तावेजों में दिए गया पता लिख देते हैं। जब पुलिस वेरिफिकेशन होता है तो गलती पकड़ में आती है। ऐसी स्थिति में आवेदकों को न केवल पेनाल्टी देना पड़ती है, बल्कि फाइल क्लोज कराके नए सिरे से पासपोर्ट के लिए आवेदन करना पड़ता है।


- कोर्ट केस लंबित होने वाले आवेदकों ने अगर कोर्ट से एनओसी नहीं ली है, तो पासपोर्ट के लिए मिले अपॉइंटमेंट को री-शेड्यूल करें। एनओसी लेने के बाद ही अपॉइंटमेंट लें।


- जुआ-सट्टा के प्रकरण दर्ज होने के बाद थाना स्तर पर होने वाली कार्रवाई और जुर्माने की रसीद संभालकर रखें और जब पासपोर्ट के लिए आवेदन करें तो उसे दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करें।


-यदि कोर्ट में केस का फैसला हो गया है तो पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय उस फैसले के आदेश की कॉपी दस्तावेज के रूप में तो लगाएं साथ ही इसकी एक कॉपी थाने में दें, ताकि पुलिस वेरिफिकेशन के समय पुलिस उस आदेश का हवाला दे सके।