भाजपा राज में बदहाली के दौर से गुजर रहा प्रदेश : अखिलेश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा राज में उत्तर प्रदेश बदहाली के बुरे दौर से गुजर रहा है। बरसात आते ही लोगों की जिंदगी में तबाही होने लगती है। बाढ़ की चपेट में कीमती जाने चली जाती हैं। अभी वर्षा की शुरूआत में ही प्रदेशवासी जलभराव, उफनाते नालों, बिजली और पेयजल संकट से त्रस्त होने लगे हैं। राजधानी लखनऊ में रहने वाले भी बेहाल हैं।


भाजपा ने अच्छे दिन आने का वादा किया था, नागरिक उस दिन का इंतजार करते ही रह गए हैं। नागरिक सुविधाएं अस्तव्यस्त हैं। जनता की असुविधा बढ़ती जा रही है लेकिन सत्ता में बैठे लोगों को कोई चिंता नहीं है। शहरी सुविधाओं की जिन पर जिम्मेदारी है, वे लापरवाह हैं। मुख्यमंत्री जी की भी निगाहें इस सब पर नहीं जाती हैं। लखनऊ शहर जहां सरकार का मुख्यालय हैं, बिजली-पानी के संकट से जूझ रहा है। अभी हल्की बरसात ही हुई है लेकिन कई क्षेत्रों में भीषण जल भराव होने लगा है। नालों की सफाई कागजों पर करके नगर निगम के अफसरान अपनी कुर्सियों पर आराम फरमा रहे हैं। कोई दिन नहीं जाता जब शहर के किसी न किसी हिस्से में बिजली पानी के संकट को लेकर प्रदर्शन न होता हो। कई कालोनियों-मुहल्लों में नलों में गंदा पानी की सप्लाई की शिकायतें आम हो गई हैं। कहीं-कहीं तो दो-दो दिन तक पानी का अकाल पड़ा रहा।


भाजपा सरकार पूरे प्रदेश में 24 घंटे बिजली सप्लाई का दावा करने में संकोच नहीं करती है। किन्तु हकीकत यह है कि हर रोज बिजली नागरिकों को रूलाती रहती है। आधा से ज्यादा राजधानी अंधेरे में डूबी रहती है। ऐतिहासिक धरोहरों में भी धुप अंधेरा है। जब से भाजपा सरकार आयी है तब से ही चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा छाया है। इन दिनों भी भीषण गर्मी से बेहाल लोग आक्रोशित होकर बिजलीघरों पर हमलावर हो रहे है। वीआईपी इलाके भी इससे अछूते नहीं रहते हैं।


विकास और लखनऊ को स्मार्टसिटी बनाने के सरकार के झूठे दावों की पोल तो इसी से खुल जाती है कि नगर निगम भी यह मानने को विवश हो गया है कि शहर के 92 जगहों पर जल भराव हो रहा है। लगातार बिजली संकट के चलते कई स्थानों पर नागरिकों ने उग्र होकर या तो बिजली कर्मियों को बंधक बना लिया, मारपीट की और बिजलीघरों में तोड़फोड़ तक की। यह स्थिति प्रदेश व्यापी है। हर तरफ लोग आंदोलित हैं। भाजपा सरकार अपने झूठ को सच्चाई में बदलने की कोशिशें कागजी तौर पर भले कर ले, जनता की नज़रों में उसकी सच्चाई छुपने वाली नहीं है। लोगों के सब्र का बांध भी टूट रहा है। राजधानी में बिजली-पानी का संकट की ऐसी स्थिति है तो राज्य का हाल सहज ही समझा जा सकता है। भाजपा सरकार का आधा समय बीतने को है लेकिन भाजपा ने अपने कार्यकाल में एक यूनिट भी विद्युत उत्पादन नहीं किया। समाजवादी सरकार की योजनाओं को ही भाजपा यदि जारी रखती तो राज्य की जनता की यह बुरी गत नहीं होती।