वर्तमान सरकार में शिक्षा और स्वास्थ्य सबसे नीचले स्तर पर : डॉ0 मसूद

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेेेश अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने कहा कि किसी भी प्रदेश को उत्तम बनाने के लिए केवल शिक्षा और स्वास्थ ही महत्वपूर्ण है। लेेेकिन उत्तर प्रदेश का दुर्भाग्य है कि वर्तमान सरकार लगभग सवा दो साल के अन्दर दोनो ही विभागों को निम्न स्तर पर ला चुकी है।


वर्तमान सरकार का यह तीसरा शैक्षिक सत्र है परन्तु अब तक ना तो शिक्षा व्यवस्था दुरूस्त हो सकी और ना ही शिक्षक  और शिक्षिकाओं की आवश्यक्ता के अनुरूप नियुक्ति हो सकी। हद की बात तो यह है कि आधा शैक्षिक सत्र बीतने के बाद पाठ्य पुस्तकों की छपाई हो पाती है। वर्तमान सत्र की अभी तक समस्त पाठ्य पुस्तके बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। जबकि शैक्षिक सत्र प्रारम्भ हुये दो माह बीत चुके हैं। 


डाॅ0 अहमद ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की भी लचर व्यवस्थाएं वर्तमान सरकार के शासनकाल में देखने को मिल रही हैं। कहीं पर डॉक्टर नहीं है तो कहीं पर कर्मचारी नदारत हैं। हद तो तब हो जाती है कि जब मरीज को ले जाने के लिए स्ट्रेचर और एम्बुलेस जैसी व्यवस्थाएं नहीं मिलती हैं और सरकार का अरबो रूपये का बजट खर्च हो जाता है प्रदेश के स्वास्थ मंत्री और मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपाने से बाज नहीं आते हैं।


राष्ट्रीय लोकदल तथा प्रदेश की मीडिया ने वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कई बार इस सच को उजागर किया है परन्तु सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। अब नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार 21 राज्यों में सबसे निचले पायदान पर उत्तर प्रदेश है और उ0प्र0 का स्कोर 28.61 है जबकि 2015-16 में यह स्कोर 33.69 था। यह स्वयं सिद्व है कि पिछली सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था से बदतर वर्तमान सरकार की व्यवस्था हैं। 


रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अपना पूरा समय हिन्दू मुसलमान और भारत पाकिस्तान की रट लगाने में गुजार देते हैं ऐसी स्थिति में उ0प्र0 को उत्तम प्रदेश बनाने की बात बेमानी है। प्रदेश का चहुमुखी विकास तभी सम्भव है जब प्रदेश के कोने कोने में भाईचारे की डोर मजबूत की जाय और शिक्षा और स्वास्थ्य सम्बन्धी व्यवस्थाओं की 24 घण्टे निगरानी की जाय।