उत्तर प्रदेश पुलिस के नए मुख्यालय की जाने खासियत

उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय का नया ठिकाना 7 जून को बदलकर सिग्नेचर बिल्डिंग हो जाएगा। जो गोमतीनगर विस्तार में अटल स्टेडियम के ठीक सामने स्थित है। नए हेडक्वार्टर का काम लगभग 80 फीसदी पूरा हो चुका है। और 7 जून से डीजीपी ओपी सिंह भी डालीबाग स्थित पुराने ऑफिस की जगह अपने इस नए शानदार कार्यालय में शिफ्ट हो जाएंगी। नए ऑफिस की शिफ्टिंग का काम शुरू भी हो गया है। जिसके लिए पुराने पुलिस हेडक्वार्टर से जरूरी कागजात और सामान लगातार नए मुख्यालय में लाया जा रहा है। डीजीपी भी अपने इस नए ऑफिस और बिल्डिंग में काम का निरीक्षण कर चुके हैं।


उत्तर प्रदेश पुलिस का नया मुख्यालय 816.31 करोड़ रुपये में बना है। 7 स्टार सिग्नेचर बिल्डिंग के 9वीं मंजिल पर डीजीपी का शानदार दफ्तर होगा जो लोकभवन स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय जैसा ही है। नए डीजीपी ऑफिस में निजी डाइनिंग रूम, कान्फ्रेंस रूम और निजी लिफ्ट भी है। नवीं मंजिल पर डीजीपी ऑफिस से लगा गार्डन भी है, जो बालकनी में बना है। यहां से पूरा गोमती नगर विस्तार और गोमती नदी का नजारा देखने को मिलता है।


नए मुख्यालय में 18 इकाइयों के


नए पुलिस मुख्यालय में डीजीपी के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस के 18 इकाइयों के मुख्यालय और उनके मुखिया का भी दफ्तर होगा। जिसमें GRP, टेक्निकल सर्विसेज, फायर डायरेक्ट्रेट, ट्रैफिक निदेशालय, लॉजिस्टिक प्रशिक्षण निदेशालय, भ्र्ष्टाचार निवारण संघठन, आर्थिक अपराध शाखा, SIT, मानवाधिकार, रूल्स एंड मैनुएल्स के मुख्यालय शामिल हैं। इसके साथ ही इलाहाबाद स्थित पुलिस मुख्यालय भी इसी बिल्डिंग में शिफ्ट हो जाएगा। 


ये है खासियत


उत्तर प्रदेश पुलिस का नया मुख्यालय 40,178 वर्गमीटर में बना है। इसमें 4 टावर बने हुए हैं। किसी बड़े आयोजन के लिए 500 सीटर का ऑडिटोरियम भी बनाया गया है। ग्राउंड फ्लोर पर उत्तर प्रदेश पुलिस के इतिहास को दिखाने वाला म्यूजियम भी बनाया गया है। पूरी तरह से वातानुकूलित कैफेटेरिया भी है,जिसमें एक साथ 350 पुलिसकर्मी ब्रेकफास्ट, लंच और डिनर कर सकेंगे। बिजली की बचत के लिए सभी फ्लोर और इमारत में ग्लास यूनिट का इस्तेमाल किया गया है। ताकि दिन में भरपूर रोशनी रहे। नए मुख्यालय में 18 लिफ्ट लगाई गई हैं। बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए 150 सीसीटीवी कैमरा और 10 मेटल डिटेक्टर को लगाया गया है। अधिकृत पास और एक्सिस कार्ड के बिना बिल्डिंग में किसी को भी एंट्री नहीं मिलेगी। बिल्डिंग 4 साल से ज्यादा समय में बनकर तैयार हुई है। इसे एशिया का सबसे शानदार पुलिस मुख्यालय बताया जा रहा है।