सपा-बसपा गठबंधन : मायावती अकेले लड़ेंगी उपचुनाव


लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों की समीक्षा कर रहीं बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती (Mayawati) ने बड़ा बयान दिया है। मायावती ने साफ कहा है कि लोकसभा चुनावों में गठबंधन से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। लिहाजा, अब गठबंधन की समीक्षा की जाएगी। बदली राजनीतिक परिस्थितयों में मायावती का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। ऐसे भी कयास लगाए जा रहे हैं कि जल्द ही गठबंधन को लेकर बड़ी खबर सामने आ सकती है। मायावती ने कहा है कि गठबंधन से चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि यादव वोट ट्रांसफर नहीं हो पाया है, लिहाजा, अब गठबंधन की समीक्षा की जाएगी। इतना ही नहीं मायावती ने यहां तक कह दिया कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी पत्नी और भाई को भी चुनाव नहीं जिता पाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, मायावती के इस रुख के बाद सपा-बसपा गठबंधन (SP-BSP Alliance) टूट की कगार पर नजर आ रहा है। माया ने कहा कि उन्हें जाटों के वोट भी नहीं मिले। सूत्रों के अनुसार मायावती ने इसके साथ ही यूपी में कुछ दिनों में होने वाले 11 विधानसभा उपचुनावों में अकेले लड़ने की भी घोषणा कर दी है।


बता दें कि बीएसपी प्रमुख मायावती ने सोमवार को दिल्ली में चुनावी हार की समीक्षा की। 2019 लोकसभा चुनाव में बीएसपी को संतोषजनक सीटें न मिलने और कुछ प्रदेशों में करारी हार को लेकर मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अखिल भारतीय स्तर पर मीटिंग बुलाई। यूपी के सभी बसपा सांसदों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक में मायावती ने कहा कि पार्टी सभी विधानसभा उपचुनाव में लड़ेगी और अब 50 फीसदी वोट का लक्ष्य लेकर राजनीति करनी है। मायावती ने ईवीएम में धांधली का भी आरोप लगाया।


बैठक से पहले उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती से नवनिर्वाचित बसपा सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने ईवीएम घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे पैमाने पर घोटाला हुआ है। हम लोग पहले से कह रहे हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए, जिसे ना तो चुनाव आयोग मान रहा है, ना सरकार मान रही है। हम चाहते हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए, जो निष्पक्ष हो। बहनजी जो भी दिशा निर्देश देंगी, हम उसका पालन करेंगे। बीएसपी प्रमुख मायावती ने सोमवार को पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों, जोन इंचार्ज और जिलाध्यक्षों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है. इसमें जिला के पार्टी अध्यक्षों के अलावा वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्र भी मौजूद हैं। पार्टी के अन्य कई वरिष्ठ नेता भी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। इससे पहले रविवार को मायावती ने छह राज्यों के लोकसभा चुनाव प्रभारियों को हटा दिया। इसके साथ ही उन्होंने तीन राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों को भी पद से बेदखल कर दिया।


मायावती ने उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात और ओडिशा के लोकसभा चुनाव प्रभारियों को हटा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली और मध्य प्रदेश के बीएसपी अध्यक्षों को भी पद से बेदखल कर दिया। सोमवार को बीएसपी सुप्रीमो यूपी के जोन प्रभारियों और जिलाध्यक्षों के साथ ही लोकसभा प्रत्याशियों और नवनिवार्चित सांसदों के साथ बैठक करेंगी।