सामूहिक विवाह में 191 जोड़ो ने थामा एक दूजे का दामन


रायबरेली। आईटीआई परिसर एक बार फिर शहनाई से गूंज उठा। 191 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामा। वहीं पूरे विधि विधान से उनका विवाह कराया गया। इस दौरान पूरे परिसर को फूलों से सजाया गया। जिले के आला अफसर बरातियों के स्वागत के लिए पलक पावड़े बिछाए खड़े रहे। शहनाई की धुन के बीच 181 जोड़ों ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। वहीं 10 जोड़ों को मौलाना ने निकाह कबूल कराया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में जिले के विभिन्न ब्लॉकों से मंगलवार को 191 जोड़ों का धूमधाम से विवाह हुआ। इस दौरान जोड़ों को लिए अलग-अलग मंडप बनाए गए थे।


इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में जिले के प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी, विधायक राम नेरश रावत, जिलाधिकारी नेहा शर्मा, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राकेश कुमार ने 191 जोडों का सामूहिक विवाह आयोजित कराकर वर-वधु को आशीर्वाद देते हुए हार्दिक बधाई दी व उनके मंगलमय भविष्य की कामना भी की।



प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजनान्तर्गत कन्या के खातें में धनराशि 35 हजार एवं उपहार सामग्री की धनराशि 10 हजार तथा कार्यक्रम आयोजन की धनराशि 6 हजार इस प्रकार प्रत्येक जोड़ों पर 51 हजार रुपये खर्च किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में 249 एवं वित्तीय वर्ष 2018-19 में 399 जोड़ों का विवाह सम्पन्न कराया गया है। वर्ष 2019-20 में 191 जोड़ों का विवाह जिसमें 10 मुस्लिम जोड़ें भी शामिल है। प्रभारी मंत्री ने अपने स्तर से प्रत्येक जोड़ों को 501 रुपये भेट किये। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का गरीब परिवारों की शादी योग्य कन्याओं के विवाह में सहायता उपलब्ध कराने हेतु एक नवीन एवं अभिनव प्रयास है जिसके सुखद परिणाम है। मुख्यमंत्री जी के इस दिशा में उठाये गये कदम का उद्देश्य शादी में अनावश्यक व्यय को नियंत्रित करना है और सामूहिक विवाह को बढ़ावा देना है ताकि कम खर्चे में एक ही स्थान पर विवाह की रसमे पूरी हो जाये। उन्होने कहा कि इस तरह के सामूहिक विवाह लोक प्रिय होंगे और ऐसे आयोजनों को बढ़ावा मिलेगा। जिन बच्चों के माता पिता, अभिभावक किसी कारणवस इस दुनिया में नही है इस तरह की शादी से उनको एक सहारा सरकार द्वारा दिया गया है। डीएम नेहा शर्मा व अन्य अधिकारियों द्वारा प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता 'नन्दी' ने मंचाशीन अतिथियों को पगड़ी पहनाकर उनको भी बराती व जनाती तथा संरक्षक के रूप में सम्मान दिया गया।


रिपोर्ट-रत्नेश मिश्रा