पत्रकार प्रशांत की गिरफ्तारी चौथे स्तंभ पर हमला : डॉ0 मसूद

लखनऊ। राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ0 मसूद अहमद ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तानाशाही और सामंतवादी रवैया छोड़कर लोकतांत्रिक मूल्यों के धरातल पर उतरने की आवश्यकता है। लोकतंत्र के चौथे खम्भे पर दुस्साहसिक हमला, पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी है। जिसमें स्पष्ट रूप से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है, जोकि हमारा मौलिक संवैधानिक अधिकार है। 


डाॅ0 अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस प्रकार का कदम विपक्षी पार्टियों को धमकाने की दृष्टि से उठाया है। क्योंकि विपक्षी लोग निश्चित रूप से मुख्यमंत्री की नीतियों और कार्यक्रमों का गुणवत्ता के आधार पर विरोध करते हैं। प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी कराकर मुख्यमंत्री ने आलोचना करने वालों को सबक सिखाने का माध्यम बनाया है। निश्चित रूप से इसे बहुमत का घमण्ड कहा जा सकता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री सत्ता की हनक में यह भूल जाते हैं कि यह लोकतांत्रिक और धर्म निरपेक्ष प्रदेश हैं। संविधान के मौलिक अधिकारों का हनन निंदनीय है और हनन करने वाला निंदा का पात्र है। 


रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कानून और व्यवस्था की समीक्षा लोकभवन में बैठकर सम्भव नहीं है विभिन्न जिला प्रभारी मंत्रियों को जनपदों में बिना किसी सूचना के डेरा डालकर समीक्षा करनी होगी। केवल पुलिस अधिकारियों से वर्दी की हनक दिखाना कहकर कानून व्यवस्था में सुधार सम्भव नहीं है। प्रदेश का युवा लोकसभा चुनाव समाप्त होने के पश्चात पुनः नौकरियों की ओर ध्यान लगाकर बैठा है,परन्तु तानाशाही और सामंतवादी सोच के कारण प्रदेश के मुख्यमंत्री इस ओर ध्यान ही नहीं देना चाहते। विगत दिनों सिपाही भर्ती का परिणाम तब घोषित किया गया जब अभ्यर्थियों को लाठियों से पीटकर लहूलुहान कर दिया गया।