लावारिस हालात में झाड़ियों में रोती मिली नवजात

रायबरेली। ”जाको राखे साइयां मारि सके ना कोय” यह कहावत उस समय चरितार्थ हुयी जब एक 15 दिन की नवजात बच्ची झाडियों में लावारिस हालत में जीवित मिली। खीरों थाना क्षेत्र के एकौनी निवासिनी एक युवती ने उस नवजात बच्ची को अपने घर ले जाकर उसकी साफ़ सफाई कर ग्राम प्रधान को सूचित किया।सूचना पर पहुंची खीरों पुलिस ने बच्ची को थाने लाकर चाइल्ड केयर सेंटर रायबरेली पहुंचा दिया।


एकौनी निवासिनी अनुपम (20 ) पुत्री सोनेलाल बेडिया ने बताया कि वह रविवार की सुबह अपने घर से अपनी छोटी बहन अंकुल के साथ दूसरे गांवों में भिक्षा माँगने जा रही थी। रास्ते में गुरुबक्सगंज क्षेत्र के गांव डोमापुर के पास स्थित बसहा नाले के पुल के पास झाडियों में एक लगभग 15 दिन की आयु की एक नवजात बच्ची पडी रोती हुयी दिखाई दी। उसने उस बच्ची को घर लाकर नहलाकर साफ़ किया और ग्राम प्रधान शशि कुमार को सूचित किया। इस दौरान उस बच्ची के मिलने की सूचना पर उसके दरवाजे ग्रामीणों का मजमा लग गया। ग्रामीण उस बच्ची के माता-पिता को कोस रहे थे कि जिस नवजात बच्ची को माता-पिता का प्यार मिलना चाहिए था। उस निर्दोष नवजात बच्ची को किस तरह ममता त्यागकर फेंक दिया गया ग्राम प्रधान शशि कुमार की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवती सहित नवजात बच्ची को थाने पहुँचाया। पूंछतांछ के बाद युवती को उसके घर भेज दिया गया और बच्ची को पुलिस अभिरक्षा में चाइल्ड केयर सेंटर रायबरेली भेज दिया गया। खीरों थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि कानूनी कार्यवाही करते हुए बच्ची को पुलिस अभिरक्षा में चाइल्ड केयर सेंटर रायबरेली भेज दिया गया है बच्ची किसकी है इसका पता लगाया जा रहा है। 


रिपोर्ट-रत्नेश मिश्रा