ज्योतिष सूचनाओं व सद्भावनाओं का शास्त्र : महंत दिव्यागिरी



  • "कैसे बनता है राजयोग'' पुस्तक का विमोचन


लखनऊ। ज्योतिषाचार्य डॉक्टर त्रिलोकी नाथ की लिखी पुस्तक ''कैसे बनता है राजयोग'' पुस्तक का विमोचन रविवार को गोमतीनगर विपुलखण्ड स्थित जीवन प्लाजा में बतौर मुख्य अतिथि महंत दिव्यागिरी ने किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने कहा कि यदि आप समाज का भला करना चाहते हैं तो परिवार में कम से कम एक व्यक्ति को ज्योतिषाचार्य की शिक्षा जरूर दें। उन्होंने कहा कि ज्योतिष सूचनाओं व सद्भावनाओं का शास्त्र है, यदि आपने ज्योतिष शास्त्र पढ़ा है तो मृत्यु के बाद भी आपका यश बना रहता है।
ज्योतिषाचार्य की भी समाज में एक अहम भूमिका होती है।


ज्योतिषाचार्य डॉक्टर त्रिलोकी नाथ ने पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि 10 वर्षों के अथक प्रयास के बाद यह पुस्तक आपके समक्ष है। उन्होंने कहा कि किसी की कुंडली में यदि राजयोग की स्थिति बन रही हो तो निःसंदेह उनकी उन्नति होती है। भगवान श्री राम, कृष्ण, रावण के अलावा फ़िल्म जगत की कई हस्तियों शाहरुख खान, राजनेताओं में मोदी, योगी, राजनाथ सिंह के अलावा कई खिलाड़ियों सहित कुल 136 कुंडलियों का विश्लेषण किया गया है।


इस पुस्तक में वह कौन-कौन सा मूलमंत्र है, जिससे राजयोग बनता है उसका भी उल्लेख किया गया है। उन्होंने बताया कि इसमें नक्षत्रों की भूमिका भी अहम होती है क्योंकि 27 नक्षत्र हैं जिसके चार चरण होते हैं। इस मौके पर एमएलसी दीपक सिंह, न्यायमूर्ति डीपी सिंह, सेवानिवृत्त आईएएस शंकर लाल पांडे, लखनऊ विश्वविद्यालय आर्ट फैकल्टी के डीन पीसी मिश्रा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य उपस्थित रहे।