"जल शक्ति मंत्रालय" करेगा पानी की समस्या का समाधान

देश के कई इलाकों में लगातार बढ़ रही पानी की समस्या से निजात दिलाने के इरादे से पीएम मोदी ने 'जल शक्ति मंत्रालय' बनाने का अपना वादा पूरा करते हुए इसकी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब हर घर बिजली के बाद हर घर में पानी पहुंचाने की योजना को गति मिलेगी। भारत के लिहाज से पानी एक गंभीर समस्या है और कई इलाके तो ऐसे हैं कि वहां पीने का पानी तो दूर उन्हें दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी मयस्सर नहीं होता। कहीं तो स्थितियां इतनी दुरूह हैं कि लोगों को पीने के पानी के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।



वहीं खेती के लिए पानी का भी भारी संकट है और किसानों के लिए ये बहुत बड़ा मुद्दा है क्योंकि कहा भी गया है कि 'बिन पानी सब सून'। जब देश के अन्नदाता को फसल उगाने के लिए पानी ही नहीं मिलेगा तो खेती पर क्या असर पड़ेगा और खाधान्न का कितना नुकसान होता है इसकी कल्पना करना ही संभव नहीं है। पानी से जुड़ी इस गंभीर समस्या को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बखूबी समझते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाया है। पीएम मोदी ने 'जल शक्ति मंत्रालय' बनाने का वादा किया था जिसे पूरा कर दिया है। जिसके बाद घर-घर बिजली के बाद हर घर में पानी पहुंचेगा। मोदी कैबिनेट में शामिल हुए नए मंत्रालय जल शक्ति मंत्रालय की कमान रतनलाल कटारिया को सौंपी गई है।