एपीडा और फिक्की ने किया अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट प्रमोशन प्रोग्राम का आयोजन, अब आम समेत अन्य फल व सब्जियां बनाएंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान

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  • लखनऊ में पहली बार हुआ एक्सपोर्ट प्रमोशन प्रोग्राम और रिवर्स बायर्स व सेलर मीट


लखनऊ। यूएसए, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया, जापान, चीन, रूस, यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, ईरान, हांगकांग, मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, सिंगापुर और बांग्लादेश जैसे प्रमुख 16 देशों के खरीदारों ने लखनऊ स्थित होटल रमाडा में हो रहे एक्सपोर्ट प्रमोशन प्रोग्राम और रिवर्स बायर्स व सेलर मीट में हिस्सा लिया। इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट डेवलपमेंट अथॉरिटी (एपीडा) व फिक्की द्वारा डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री व उत्तर प्रदेश मंडी परिषद् के सहयोग से आम व उससे जुड़े अन्य उत्पादों, फलों और सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए किया गया।

 

कार्याक्रम के दौरान आम व उससे से जुड़े अन्य उत्पादों फलों और सब्जियों की प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय, डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स भारत सरकार के एडिशनल सेकेट्री सुनील कुमार, एपीडा के अध्यक्ष पवन कुमार बोर ठाकुर, नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड के एमडी डॉ. अरिज अहमद, आंध्र प्रदेश के होट्रीकल्चर कमिश्नर चिरंजीव चौधरी व अन्य अतिथि व अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

यह कार्यक्रम विशेष रूप से भारत के उत्तर और पूर्वी भाग से आम और आम उत्पादों व अन्य फलों और सब्जियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आयोजित किया गया। लखनऊ में पहली बार एक्सपोर्ट प्रमोशन प्रोग्राम और रिवर्स बायर्स व सेलर मीट (आरबीएसएम) का आयोजन किया गया जो की उत्तर प्रदेश के किसानो द्वारा उगाये गये भारतीय आम व उससे जुड़े उत्पादों अन्य फलों व सब्जियों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।


एपीडा के अध्यक्ष पवन कुमार बोर ठाकुर ने 16 देशों से आए सभी बायर्स का स्वागत करते हुए कहा कि आम सिर्फ एक प्रकार का नहीं होता आम की कई प्रजातियां होती हैं, जो कि अलग अलग किस्म की होती है। उन्होंने देशवासियों को एक महत्वपूर्ण सन्देश देते हुए बताया कि यहां से हम एक बड़ी शुरुआत की और देख रहे है, इसलिए हमने किसानों के लिए काम कर रही कंपनियों को भी इस महत्वपूर्ण आयोजन  में आमंत्रित किया है। जिससे की किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश न रह जाए। उन्होंने ने यह भी बताया कि भारत में हो रहे उत्पादन का लगभग 40 प्रतिशत ही निर्यात बाहर के देशो में हो पाता है जो कि काफी कम है, इस निर्यात को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के लिए हमें महत्वपूर्ण कदम उठाने की ज़रुरत है।

उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अनूप चन्द्र पाण्डेय ने सबसे पहले एपीडा का धन्यवाद किया कि उन्होंने इस प्रकार का महत्वपूर्ण आयोजन उत्तर प्रदेश में किया। इसके बाद उन्होंने बताया कि आयात-निर्यात में सबसे बड़ी बाधा थी रास्तों की, लंबे सफर की, घंटो दिनों हम ट्रैवल करके एक सामान को दूसरे स्थान पर पहुंचाते थे जिससे हमें काफी नुकसान उठाना पड़ता था लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब हाइवेज़ की तादाद काफी बढ़ गई है। फोर लेन सड़के अब सिक्स लेन हो गई हैं। रास्ते चौड़े और सुगम हो गए हैं जिससे आयात निर्यात करने में आसानी होगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि इस साल यूपी सरकार सभी ग्राम पंचायतों तक  इंटरनेट  कनेक्टिविटी भी उपलब्ध करा देगी। इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काम काफी तेजी से हो रहा है। उत्तर प्रदेष भारत में ऐसा पहला राज्य है जहां ग्राफ एग्रो एक्स्पोर्ट पॉलिसी है। आखिरी में उन्होंने मार्केट एक्सेस की बात भी कही जो की काफी मत्वपूर्ण थी।