डलमऊ : कैनाल पंप बंद होने के चलते लाखों की संख्या में मरी मछलियां 


  • मरी मछलियों की गंध से संक्रामक रोग फैलने की आशंका 

  • मछलियों को बाजार से बीमारी फैलने का खतरा 

  • क्षेत्रीय प्रशासन बना मूकदर्शक 


रायबरेलीडलमऊ कस्बे में गंगा नदी से निकले कैनाल पंप डलमऊ को गंगा नदी में पानी कम होने के कारण बंद कर देने से प्रथम सोपान से द्वितीय सोपान तक कस्बे में लगभग 3 किलोमीटर दूरी तक नहर में अज्ञात कारणों से बड़ी और छोटी लाखों मछलियां मर गई। मछलियों के मर जाने से नहर का पानी दूषित हो रहा है। जिसके चलते जानवर बीमार हो रहे हैं और मछलियों की गंध से कस्बे में संक्रामक बीमारी का खतरा मंडराने लगा है।

             

नगर पंचायत अध्यक्ष बृजेश दत्त गौड़, राकेश त्रिपाठी, अनिल कुमार, अमरीश पांडे, राकेश कुमार, पंकज मिश्रा आदि लोगों ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते गंगा नदी का जलस्तर कम हो जाने पर कैनाल पंप बंद कर दिया गयाा है, जिससे कैनाल पंप गंग नहर में सैकड़ों कुंटल मछलियां मर गई हैं।और समय-समय पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कर्मचारी खानापूर्ति के नाम पर नदी के पानी का सैंपल ले जाकर ठंडे बस्ते में डाल देते हैं। लेकिन इसका स्थाई निराकरण अब तक नहीं किया जा सका जिससे गर्मी के मौसम में गंगा नदी का जलस्तर कम हो जाने से जलीय जीवो का जीवन खतरे में पड़ जाता है। इसकी के चलते लाखों मछलियां मर जाती हैं, लेकिन सूचना के बावजूद भी क्षेत्रीय प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है।


कस्बा वासियों द्वारा क्षेत्रीय प्रशासन से कैनाल पंप डलमऊ को चालू करवाकर मरी हुई मछलियों से उत्पन्न होने वाले संक्रामक बीमारी से निराकरण की मांग की गयी है। इतना ही नहीं क्षेत्रीय प्रशासन की लापरवाही के चलते क्षेत्रीय लोग इन मरी हुई मछलियों को पकड़कर खानेेेे और बाजार में बिक्री कर रहे हैं। जिससे लोगों में बीमारी फैलने का खतरा मंडरा रहा है। उपजिलाधिकारी डलमऊ सविता यादव ने बताया कि तहसीलदार डलमऊ को मौके पर भेजकर जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभाग से समस्या का निराकरण कराया जाएगा।

 

रिपोर्ट-रत्नेश मिश्रा