बुजुर्गों की पारिवारिक दशा सुधारने के लिए सम्मिलित प्रयास की जरूरत : राज्यपाल

लखनऊ। आज अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर गाइड समाज कल्याण संस्थान एवं शिया पीजी कॉलेज के सह तत्वावधान में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका विषय बुजुर्गों की परिवार में असुरक्षित स्थिति एवं नागरिक आयोग की आवश्यकता विषय पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ, न्यायमूर्ति सुधीर चंद्र वर्मा, बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक डॉ. रामजस यादव, आल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता डॉ. यासूब अब्बास, शिया पीजी कॉलेज के बोर्ड ऑफ ट्रस्टी प्रेसीडेंट प्रोफेसर अज़ीज़ हैदर भी उपस्थित रहे।


कार्यक्रम की शुरुआत कुरान शरीफ की तिलाबत से


शिया पीजी कालेज के प्रेसीडेंट प्रोफेसर अजीज़ हैदर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि कुरान में लिखा है कि आप जो कबीले को देंगे कबीला आपको वही देगा। शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना डॉ. यासूब  अब्बास ने कहा युवाओं को चिंतन शील बनाने व बुजुर्गों के सम्मान के प्रति जागरूक करने के कार्य में अब हम भी साथ हैं। 



संस्था की संस्थापिका डॉ. इन्दु सुभाष ने संस्था द्वारा संचालित बुजुर्गों को समर्पित गोल्डन एज हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 18001800060 के दो वर्ष पूरे होने के विषय में बताया कि इस वर्ष एक साल में करीब 8000 कॉल्स प्राप्त हुई तथा करीब 2000 से ऊपर बुजुर्गों ने खुद आ कर  अथवा पत्र के माध्यम से संस्था से संपर्क किया। इसमें अधिकतर शिकायतें बहु अथवा उसके परिवार वालों द्वारा प्रताड़ित किये जाने की रही। संस्था पुलिस महानिदेशक द्वारा चयनित हो पुलिस अधीक्षक कार्यालय के वरिष्ठ नागरिक सहायता प्रकोष्ठ कमरा नं0 12 में, तथा गायत्री शक्ति पीठ में  मुख्य सलाहकार के रूप में निःशुल्क परामर्शन कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त युवाओं को बुजुर्गों के प्रति अपनी ज़िम्मेदारी समझने व संवेदनशील बनाने के लिए जागरूक कर रही है। वृद्धजन सम्मान शपथ शैक्षिक संस्थाओं में कराई जा रही है। दादी क्लब के माध्यम से प्राइमरी स्कूलों के बच्चों को वृद्धश्रमों से जोड़ा जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता  न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ ने किया।


बुजुर्गों का हल वृद्धाश्रम नही


न्यायमूर्ति कमलेश्वर नाथ ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रेम जगत का सार है, बड़े छोटों को देते हैं और छोटे बड़ों को। बुजुर्गों का हल वृद्धाश्रम नही है। बुजुर्ग अपने को मजबूत बनाएं। संस्था इस दिशा में विश्वसनीय कार्य कर रही है। बैंक आफ बडौदा के महाप्रबंधक डॉ. रामजस यादव ने  कहा कि युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ जीवन में ए.बी.सी. को आत्मसात करना चाहिए ।


ए   -   एटीट्यूड    आपकी सोच को बताता है 
बी  -  बीहैवियर   आपके बर्ताव को बताता है 
सी  -  कनेक्शन   आपके संबंधों को बताता है 


न्यायमूर्ति सुधीर चंद्र वर्मा ने कहा कि आज जो हम अपने बड़ों को देंगे वही कल हमें वापस मिलेगा। दो पीढ़ियों के बीच के संबंधों को दृढ़ बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने संतानों को उनके कर्तव्यों के प्रति ईमानदार होने पर ज़ोर दिया। साथ ही पुत्रवधुओं को वृद्ध सास-ससुर के प्रति भावनात्मक लगाव रखने पर बल दिया। 



कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पितृ दिवस पर विशेष बच्चों के अत्याचारों से प्रताड़ित बुजुर्ग पिता रहे। 80 वर्षीय सेवानिवृत्त कृषि निदेशक धनीराम वर्मा जी व्हील चेयर पर आए थे, ने छलकते हुए आंसुओ के साथ अपने बहु बेटे के अत्याचारों को बताया कि हर महीने उनकी पेंशन को हड़पने पर उनकी निगाह रहती है। उन्हें रोज खाने की गाली मिलती है। बहु  दहेज व बलात्कार के केस में फसाने की आये दिन धमकी देती रहती है। रुंधे गले से उन्होंने कहा कि जिंदगी की हर जंग जितने वाले आज अपनो से जंग हारते जा रहे हैं। 67 वर्षीय अनूप अवस्थी ने सिसकते हुए बताया कि बहु ने पिछले दिनों उनकी चप्पलों और डंडे से पिटाई कर खुद ही पुलिस को बुला लिया। लेकिन पुलिस ने झूंठे केस को संज्ञान में लेकर बहु के खिलाफ कार्यवाही शुरू की है। 63 वर्षीय श्रीमती शशि चौधरी ने बताया कि उनकी बहू ने उनके ऊपर दहेज का झूठा केस 7 साल पहले किया था। उनके पति की मृत्यु के उपरांत उन्होंने अपने पुत्र के साथ सत्य की लड़ाई लड़ी और माननीय कोर्ट ने 80 पेज के जजमेंट के साथ उन्हें व उनके पुत्र को बाइज्जत बरी किया। 


ताकि भारतीय सांस्कृतिक धरोहर


कार्यक्रम में संस्था की नई शाखा दिल्ली में खुलने की घोषणा हुई तथा वहां के प्रमुख संदीप मारवाह को राज्यपाल ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। माननीय राज्यपाल ने अपना अनुभव युवाओं के साथ साझा करते हुए उन्हें लगातार चलते रहने और सतत् कर्मशील रहने के लिए को प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं को संस्था द्वारा रचित वृद्ध जन सम्मान शपथ भी ग्रहण करवाई। उन्होंने संस्था के कायों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के विषय मेंं बोलते हुए कहा कि आज वास्तव में बुजुर्गों की पारिवारिक स्थिति चिंतनीय है। जिसके लिए सम्मिलित प्रयास करने होगें। आज के युवाओं को अपने बुजुर्गों के साथ जुड़कर मानवीय मूल्यों व पुराने रीति रिवाजों को जानने की जरूरत है, ताकि भारतीय सांस्कृतिक धरोहर अक्षुण्ण रहे। राज्यपाल महोदय ने संस्था के स्लोगन बुजुर्गों का अनुभव युवाओं की ताकत आओ बनाएं मिलके नया भारत की प्रशंसा की। कार्यक्रम के अंत मे शिया पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. तलआत हुसैन नकवी ने सभी को धन्यवाद दिया।