पेटीएम बना फायदे वाला Bank


दिल्ली। पेटीएम PAYTM पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (पीपीबी) ने आज अपने संचालन के दूसरे वर्ष के पूरा होने की घोषणा की। इसके साथ ही, पीपीबीएल (पर्सन टू पर्सन ट्रांसफर) अब भारत का पहला भुगतान बैंक है जिसने अपने संचालन के दूसरे वर्ष ही मुनाफ़ा दर्ज किया है, इसने वित्तीय वर्ष 2018-2019 में 19 करोड़ रुपये का मुनाफ़ा दर्ज किया है। मार्च 2019 के अनुसार, पीपीबीएल 19% बाजार हिस्सेदारी के साथ मोबाइल बैंकिंग लेनदेन की अगुवाई करता है।


एक तिहाई हिस्सा PAYTM का


भारत में कुल मोबाइल बैंकिंग लेनदेन का लगभग एक तिहाई हिस्सा PAYTM पेटीएम पेमेंट्स बैंक द्वारा संचालित किया जाता है और सालाना आधार पर डिजिटल लेनदेन के प्रसंस्करण की सीमा 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। देश में डिजिटल लेनदेन के मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाद पीपीबी का स्थान है। यह भारत में रुपे (RuPay ) कार्डों का सबसे बड़ा जारीकर्ता भी है, जिसके खाते में रुपे (RuPay ) प्लेटिनम डेबिट कार्ड के लिए 4.5 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं। यह व्यक्तियों, एकमात्र प्रोपराइटर, लघु और मध्यम व्यवसाय और बड़े कॉर्पोरेट्स को जीरो बैलेंस पर चालू खाते भी प्रदान करता है, जिसमें पैसे जमा करने, निकालने, लेनदेन की संख्या और राशि पर कोई प्रतिबंध नहीं है।


पेटीएम पेमेंट्स बैंक सभी प्रकार के डिजिटल लेनदेन -एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस, तत्काल भुगतान सेवा और मोबाइल बैंकिंग के लिए देश का प्रमुख भागीदार बनकर उभरा है। यूपीआई लेनदेन के लिए 32% और मोबाइल बैंकिंग के लिए 19% की बाजार हिस्सेदारी के साथ, पीपीबी न केवल भुगतान बैंकों में बल्कि भारत में पूरे बैंकिंग उद्योग के सबसे बड़े भागीदारों में से एक है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक के एमडी और सीईओ सतीश कुमार गुप्ता ने कहा कि हमारे बैंक ने पिछले वर्ष में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है और समयावधि में वर्ष को संपन्न करने में सक्षम रहा है, जिससे हम संचालन के दो वर्ष के भीतर ही मुनाफे की घोषणा करने वाला देश का पहला पेमेंट्स (भुगतान) बैंक बने।