इंडियन ऑयल को पीछे छोड़ सबसे बड़ी भारतीय कंपनी बनी Reliance

लखनऊ। सबसे अमीर भारतीय मुकेश अंबानी की तेल से दूरसंचार कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने राज्य के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्प (IOC) को राजस्व के मामले में पीछे छोड़ते हुए देश की सबसे बड़ी कंपनी होने का गौरव प्राप्त किया है।



वित्त वर्ष में रिलायंस ने किया 6.23 लाख का करोबार


31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष में रिलायंस ने 6.23 लाख का करोबार किया, जबकि इंडियन ऑयल ने सिर्फ 6.17 लाख करोड़ का कारोबार किया। रिलायंस की कुल आय में उसके उलके खुदरा, दूरसंचार और डिजिटल सेवाओं का राजस्व सबसे अधिक है। इस वित्त वर्ष 2019 में रिलायंस इड्रंस्ट्रीज, इंडियन ऑयल से दोगुने से अधिक के शुद्ध लाभ के साथ देश की सबसे बड़ी लाभदायक कंपनी भी बनी।


वित्त वर्ष 19 में कंपनी ने 39,580 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ


रिलायंस जो लगभग एक दशक पहले तक आईओसी से आकार में आधी ही थी, लेकिन उपभोक्ता आधार और दूरसंचार जैसे नए व्यवसायों में प्रवेश के साथ कंपनी ने दूरसंचार, खुदरा और डिजिटल सेवाओं में व्यापक रूप से विस्तार किया और बीते वित्त वर्ष 19 में कंपनी ने 39,580 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया।


दूसरी ओर, आईओसी ने वित्त वर्ष 19 में 17.274 करोड़ रुपये के शुद्ध लाभ के साथ वर्ष का अंत किया।पिछले साल तक आईओसी सबसे अधिक लाभदायक पीएसयू थी लेकिन 2018-19 में तेल और प्राकृतिक गैस कॉर्प (ONGC) के मुकाबले ये रैंक भी खो सकती है। ओएनजीसी को अभी तक अपनी वित्त वर्ष 19 की आय की घोषणा करनी है लेकिन उसने वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में 22,671 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।


IOC ने 2018-19 में 22,189.45 करोड़ का शुद्ध लाभ


आईओसी का शुद्ध लाभ जो अपने राजस्व के लिए तेल शोधन, पेट्रोकेमिकल्स और गैस व्यवसाय पर निर्भर करता है, उसने वित्त वर्ष 2017-18 के मुकाबले 2018-19 में 23.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,189.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया है। दूसरी ओर, रिलायंस ने 2017-18 में दर्ज किए गए 34,988 करोड़ रुपये के मुनाफे में 13 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की है। ओएनजीसी को 2017-18 के वित्तीय वर्ष में 19,945.26 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो आईओसी से कम है।