घोसी : गठबंधन को जातीय समीकरणों से सीट जीतने की आस

वाराणसी/मऊ। पूर्वांचल ही नहीं पूरे प्रदेश में घोसी इकलौती ऐसी सीट है जहां पर पूरे चुनाव के दौरान प्रत्याशी को देखने के लिए वोटर 'तरस' गये। भाजपा की तरफ से पीएम तक ने खुद सभा कर मायावती से लेकर गठबंधन को आडे हाथों लिया। बावजूद इसके रविवार को वोटिंग का जो रुझान देखने को मिला उससे गठबंधन के नेता उत्साहित हैं। यहां से भारी जीत के दावे किये जा रहे हैं क्योंकि जातीय समीकरणों के चलते यह सहज सीट थी। दूसरे स्थानों पर अधिक मतदान से भाजपा प्रफुल्लित रहती है,लेकिन यहां 60 फीसदी वोटों से भी उसे लग रहा है कि 'हालात' अनकूल नहीं रहे।


परिवार व पार्टी ने लड़ा चुनाव


घोसी से बसपा प्रत्याशी अतुल राय की पहचान इलाके में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी के रूप में है। लेकिन नामांकन के बाद यूपी कालेज की एक पूर्व छात्रा ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराते हुए संगीन आरोपों की झड़ी लगा दी। नतीजा, अतुल राय चुनाव छोड़कर फरार हो गये।


अतुल राय की तरफ से हाइकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक गुहार लगायी गयी, लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया। फरारी की हालत में परिवार के सदस्यों और पार्टी नेताओं ने चुनाव की कमान संभाली। भाजपा प्रत्याशी हरिनारायण राजभर को लेकर लोगों की नाराजगी भी एक अहम बिन्दु रहा जो अंत तक पार्टी को भारी पड़ा।