गैंगरेप पीड़िता ने केन्द्र सरकार से मांगी इच्छा मृत्यु 


  • करीब सात माह पूर्व कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुए मुकदमें में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।


रायबरेली। करीब सात माह पहले कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुए गैंगरेप के मुकदमें में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से शुक्रवार को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक शिकायती पत्र दिया और केन्द्र सरकार से इच्छा मृत्यु की मांग की। पीड़िता का आरोप है कि मामले की विवेचना कर रहे इस्पेक्टर आरोपियों को संरक्षण दिए हुए है, जिससे आरोपी खुलेआम घूम रहे है। 

 

भदोखर थाना क्षेत्र के गांव की रहने वाली गैंगरेप की शिकार विवाहिता ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचकर एक शिकायती पत्र पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह को देकर बताया कि उसके साथ बीते वर्ष 2018 के अक्टूबर माह में उसके साथ तीन युवकों ने दुराचार किया था। आरोप है कि मामले की तहरीर लेकर वह थाने पहुंची लेकिन थाने की पुलिस ने उसे वहां से भगा दिया। थाने से न्याय न मिलने पर विवाहिता ने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर बीते वर्ष नवम्बर माह में पीड़िता का मुकदमा दर्ज कर लिया गया लेकिन मुकदमा दर्ज होने के करीब सात माह बीत गए, लेकिन मामले में एक भी आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ।

 

पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इस मामले की शिकायत इंस्पेक्टर व पुलिस महकमें के अन्य अधिकारियों से की तो शिकायती पत्र को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया। न्याय की आस में दर-दर की ठोकरें खाने के बाद गैंगरेप की शिकार विवाहिता ने एसपी दफ्तर पहुंचकर केन्द्र सरकार से इच्छा मृत्यु की मांग की है। पीड़िता ने मामले में एसपी को एक शिकायती पत्र भी दिया। एसपी ने मामले की जांच कराने के बाद कार्रवाई का आश्वासन पीड़िता को दिया है। 

 

रिपोर्ट-रत्नेश मिश्र