गायक एक तरह का समाजसेवी : ममता भास्कर

रोहतास/बिहार। गायकी के क्षेत्र में काफी नाम व शोहरत कमाने वाली ममता भास्कर अपने गायन से लोगों के दिलों पर राज करती हैं। भक्ति गीत से खास पहचान बनाने वाली ममता कई फिल्मों में अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेर चुकी हैं।


स्वभाव से सरल और व्यक्तित्व की धनी ममता भास्कर से सासाराम में हमारे एज एक्सप्रेस संवाददाता संत कुमार गोस्वमी से हुई खास मुलाकात के दौरान उन्होंने इस क्षेत्र में मिल रही चुनौतियों और अवसरों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने नवोदित कलाकारों को दिए गए अपने संदेश में कहा कि जो युवा कलाकार गायकी के क्षेत्र में अपना नाम व शोहरत हासिल करना चाहते हैं,वो लोग अपने आत्मविश्वास और लगन से कामयाबी हासिल कर सकते हैं।


बचपन से ही ममता को गाना गाने का बड़ा शौख था,जिसके चलते वो स्कूल व कॉलेज में टीचर और सहपाठियों के बीच अक्सर आकर्षण का केंद्र बनी रहती थी। आज भी वो क्लासिकल गाने की ट्रेनिंग अपने गुरु से ले रही हैं। इसके पीछे उनका मानना है कि सीखना कभी खत्म नहीं होना चाहिए।


लगभग 15 सालों से घर और बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच काफी व्यस्त होते हुए भी गायन के प्रति उनकी उत्सुकता और लग्न देखने वाली है। आजकल के फूहड़ गीत गाने वाले गायकों के प्रति उनका तर्क है कि ऐसे लोग मनोरंजन के क्षेत्र में काफी समय तक बने नहीं रहते। उन्होंने कहा, हमारी संस्कृति हमारी धरोहर को बचाए रखने के लिए शास्त्रीय संगीत, कथक आदि पर काफी जोर दिया जाना चाहिए।


नवोदित कलाकारों के लिए उन्होंने कहा कि गायक एक तरह से सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाने जाते हैं। वो जैसा समाज के सामने गायेंगे लोग वैसा ही आचरण अपनाएंगे।