डीएम साहब कब खुलेंगे साहेब के कपाट!



  • ऊंचाहार तहसील में समय से नही आते हैं अधिकारी

  • फरियादी हो रहे परेशान,जिम्मेदार मौन


ऊंचाहार/रायबरेली। केन्द्र से लेकर यूपी तक बीजेपी सरकार के हांथ मे सबकुछ है ।लेकिन जनता की फरियाद सुनने वाले अधिकारी तो दूर उनके कर्मचारी तक न अपने कक्ष में समय से मौजूद न हो तो आप समझ गए होंगे कि कौन फरियादियों की फरियाद सुनेगा और कौन उनकी समस्याओं का समाधान करेगा।हलाकि यूपी के सीएम अपने आप को नेकदिल का बताते हुए जनता का हमदर्द तक कहते है लेकिन उनकी सरकार मे जनता का दर्द सुनने वाले अधिकारी ही समय पर न पहुंचे तो यह इनकी कार्यशैली पर सवाल खडा करता है।


जनता की फरियाद कौन सुनेगा?


वीवीआईपी जिला रायबरेली से 40 किलोमीटर दूर ऊंचाहार तहसील है। जिस तहसील के तहत ब्लाक ऊंचाहार;जगतपुर व रोहनिया के समस्त ग्राम पंचायतो के अन्तर्गत आने वाले पुरवों के लोग अपनी अपनी फरियाद लेकर आते है।जहां पर सोमवार के दिन सुबह का कोर्ट 8बजे से होने के बावजूद तहसील परिसर में सोमवार के दिन प्रातःकाल 10ः30मिनट तक तहसील का आंखो देखा पर नजर डाले तो यहां पर एसडीएम कक्ष का दरवाजा खुला था जिसकी सिटकनी बाहर से बंद थी और उनके आवास तक के कमरों मे ताला लटक रहा था। जिसके बाद तहसीदार व नायब तहसीलदार के कक्ष में भी ताला लटक रहा था। तहसील परिसर के रजिस्टार, कानूनगो, पूर्ति विभाग व एसडीएम के स्टोनों कक्ष एवं निबंधनकार्यालय अधिकारी के कक्ष तक मे ताला 10ः45मिनट तक लटक रहा था। जिसके एक एक फोटो उस हकीकत की पोल खोल रहे है। और जिससे आप भी अंदाजा लगा लीजिए कि जनता की फरियाद कौन सुनेगा यहां तो अधिकारी तो दूर कर्मचारी तक नदारद है जिसमे क्लर्क तक की लेटलतीफी है वहां का तहसील प्रबंधतंत्र कैसा चलता होगा यह उसकी पोल खोलने के लिए काफी है।जिसमे हलाकि लोकसभा का चुनाव निपटने के बाद ये हालात सरकारी दफ्तरों के महत्वपूर्ण आफिस तहसील का है तो ब्लाक व अन्य विभाग के आफिसों की हाल क्या होगा ये आप भी समझ गए होंगे।



केन्द्र से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार


हलाकि यहां पर फरियादियों की भी कमी नही थी । रामसुमेर नाम वृद्ध बताते हैं कि जब तक साहब नही आएंगे इंतजार करेंगे। देवकली नामक महिला ने बताया कि भइया केन्द्र से लेकर यूपी तक बीजेपी की सरकार है और उनकी सरकार मे जनता की सुनने वाले अधिकारी समय पर नही बैठ रहे है कई दिनो से हम परेशान रहन अबय तक चुनाव मे व्यस्त होय की बात कहकर टरकावत रहन अब चुनाउवो होईगवा फिर भी अधिकारी समय पर नही आवत हवय। वहीं बुद्धीलाल ने बताया कि समय पर अधिकारी तो छोडो कर्मचारी तक नही रहते रात्रि निवास करने की बात भी हवा हवाई है। यहां पर तो अधिकारी अपने आवास तक मा नही मिलत हवय तो जनता को न्याय कैसे मिली जो चाहे सो करे अधिकारी मौज काट रहे है ।यहां के हालात के एक एक फोटो अधिकारियों की मनमानी की पोल खोलने के लिए काफी है अखिर कब ये अधिकारी कर्मचारी सुधरेंगे ये एक प्रन चिन्ह बनकर गूंज रहा है।हलाकि इस बावत लेटलतीफ होने के सवालों पर तहसील के अधिकारी सटीक उत्तर न देकर खमोश रहना ही उचित समझ रहे है।


रिपोर्ट-दुर्गेश मिश्र/सर्वेश त्रिपाठी