भारतीय साहित्यकारों का दल वियतनाम रवाना



  • पांच साहित्कारों को मिलेगा 'अवध ज्योति रजत जयंती सम्मान'

  • चालीस वर्ष से अवधी के उत्थान में जुटे डॉ. राम बहादुर मिश्र को मिलेगा 'इंटरनेशनल अवार्ड'


लखनऊ। अवध ज्योति रजत जयंती सम्मान समारोह का अगला पड़ाव 'हो ची मिन्ह सिटी' वियतनाम होगा। वहां पर वियतनाम के तीन एवं भारत के दो साहित्यकारों को "अवध ज्योति रजत जयंती सम्मान" प्रदान किया जायेगा। अवध ज्योति पत्रिका के सम्पादक डा. रामबहादुर मिश्र की अगुवाई में भारतीय दल चार देशों वियतनाम, कम्बोडिया, सिंगापुर और थाईलैंड की यात्रा करेगा।


40 वर्षों से अवधी के उत्थान में जुटे


अवध ज्योति रजत जयंती समारोह के प्रवक्ता नागेन्द्र बहादुर सिंह चौहान ने बताया कि भारतीय दल आज 25 मई को विदेश यात्रा पर रवाना होगा। यह दल चार देशों में अवधी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति पर विदेशी साहित्यकारों के साथ परिचर्चा करेगा। वहीं, वियतनाम में 26 मई को आयोजित होने वाले ग्यारहवें हिन्दी उत्सव में 40 वर्षों से अवधी के उत्थान में जुटे डा. राम बहादुर मिश्र को परिकल्पना संस्था का 'इंटरनेशनल ग्लोबल हिन्दी अवार्ड' प्रदान किया जायेगा। साथ ही, माधवी फाउंडेशन सहित दो अन्य संस्थाओं द्वारा भी डा. मिश्र सम्मानित किया जाएगा।


25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष


श्री चौहान ने बताया कि डॉ. राम बहादुर मिश्र के नेतृत्व में चार देशों की साहित्यिक यात्रा पर निकले भारतीय दल में डॉ. अनीता श्रीवास्तव, रविन्द्र प्रभात, कुसुम वर्मा व माला चौबे प्रमुख हैं। वर्ष भर चलने वाले समारोह के जन सम्पर्क अधिकारी शशिकांत द्विवेदी 'गोपाल' ने बताया कि अवधी त्रैमासिक पत्रिका अवध ज्योति के 25 वर्ष पूर्ण होने पर रजत जयंती वर्ष मनाया जा रहा है। इसके तहत 5 अंतरराष्ट्रीय एवं 10 राष्ट्रीय अवधी सम्मेलन हो रहे हैं। इनमें कुल 100 अवधी आराधकों को अवध भारती संस्थान द्वारा क्रमवार सम्मानित किया जा रहा है। अबतक हिंडौरा (सीतापुर), नेपालगंज (नेपाल), बाराबंकी, रायबरेली, प्रयागराज व लुम्बिनी, काठमांडू (नेपाल) आदि स्थानों पर अवधी सम्मेलन हो चुके हैं। अब वियतनाम, कम्बोडिया, सिंगापुर व थाईलैंड में होगा। इसके बाद दिल्ली में सम्मेलन आयोजित होगा।


वियतनाम में ये होंगे सम्मानित
प्रो. साधना सक्सेना, वियतनाम
फेम दिन ह्यूआंग, वियतनाम
मुनीश गुप्ता, वियतनाम
रवीन्द्र प्रभात, भारत
डा.अनीता श्रीवास्तव, भारत