भारत ही नहीं Abroad में भी है शिव मंदिर


देवों के देव महादेव के भक्त केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया Abroad में हैं। भोले नाथ की अपार शक्ति से पूरी दुनिया वाकिफ है। कहते है भोलेनाथ को देवों का देव इस लिए कहा जाता हैं क्योंकि भगवान शिव ही इस जगत के रचयिता हैं। इसी लिए भूमि, धर्म, जाति, देश, पहनावा, संस्कृति, परंपरा आदि सब कुछ अलग होने के बाद भी शिवा के भक्त भारत के बाहर कई देशों में है। आइये जानते है वो कौन से देश हैं जहां शिव की आराधना होती है और उनकी विशाल प्रतिमा बनी है-


Abroadका मुन्नेस्वरम मंदिर


Abroad श्रीलंका में स्थित इस मंदिर का इतिहास अगर देखा जाए तो इसके अंश रामायण काल से जुड़े हैं। कहते है की जब राम और रावण का युद्ध हुआ था और राम जी ने रावण पर विजय हासिल की फिर भगवान राम शिव का आशीर्वाद लेने के लिए इस मंदिर के स्थान पर शिव की पूजा की थी। तब से इस मंदिर में शिव की आराधना की जाती है।


शिवा-विष्णु मंदिर- मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया


1987 में बने भगवान शिवा- विष्णु के इस मंदिर की लोकप्रियता बहुत है और ऑस्ट्रेलिया में हिंदू धर्म तेजी से लोकप्रिय होता जा रहा है। पिछले एक दशक में दक्षिण एशिया से आए लोगों के कारण हिंदू धर्म फैल रहा है। वर्ष 2016 की जनगणना के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में 4,40,000 हिंदू रहते हैं, और 2006 से हिंदू आबादी में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस मंदिर की वास्तुकला हिन्दू और ऑस्ट्रेलियाई परंपराओं का अच्छा उदाहरण है।


प्रम्बानन मंदिर- इंडोनेशिया


भगवान शिव का बहुत सुंदर और प्राचीन मंदिर इंडोनेशिया के जावा में है। 10वीं शताब्दी में बना भगवान शिव का यह मंदिर प्रम्बानन मंदिर के नाम से जाना जाता है। ये मंदिर काफी विशाल हैं। इसकी दूरी शहर से लगभग 17 कि.मी. की है। मंदिर बहुत सुंदर और प्राचीन होने के साथ-साथ, इससे जुड़ी एक कथा के लिए भी प्रसिद्ध है।