20 लाख EVM गायब होने के मामले में, MP हाईकोर्ट ने फैसला किया सुरक्षित

ग्वालियर। सोमवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में देश से 20 लाख EVM गायब होने की याचिका पर आज सुनवाई हुई। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। दरअसल जनहित याचिका में कहा गया है कि ईवीएम मशीनें गायब होने के मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ फौजदारी यानि की आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएं, इसके साथ ही ईवीएम की राशि वसूली जाएं और पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराई जाएं।


सीनियर एडवोकेट उमेश बोहरे ने 22 मई को हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक जनहित याचिका ने कई आहम दस्तावेजों के साथ पेश की थी। याचिका में कहा गया है कि गायब हुई ईवीएम का उपयोग देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ- साथ ग्वालियर चंबल संभाग में लोकसभा चुनाव में किया गया है।


जान लें कि मुंबई के RTI एक्टिविस्ट मनोरंजन रॉय ने 27 मार्च 2018 को बॉम्बे हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। इस याचिका में उन्होंने ईवीएम की खरीद, स्टोरेज और डिलीवरी में शामिल प्रक्रियाओं के बारे में जानना चाहा था। इसके लिए हाई कोर्ट से यह मांग की गई थी कि जानकारी उपलब्ध कराने के लिए वह संबंधित संस्थाओं को आदेश दे। इसी क्रम में जो डाटा निकलकर सामने आया है उसमे यह जानकारी प्राप्त हुई है कि ईवीएम निर्माताओं ने जो मशीनें चुनाव आयोग को भेजने के लिए तैयार कीं, उनमें से 20 लाख ईवीएम चुनाव आयोग के कब्जे में नहीं पहुंची हैं।